असम सरकार ने 2026-27 के लिए पेश किया 2.85 लाख करोड़ रुपये का बजट

गुवाहाटी, एजेंसी। असम सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट शुक्रवार को पेश किया। बजट में छोटे चाय उत्पादकों के लिए कर छूट की सीमा चार गुना बढ़ाने और पीएनजी पर वैट में लगभग 10 प्रतिशत अंक की कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने अपना पहला बजट पेश करते हुए पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई सभी प्रमुख योजनाओं को जारी रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बजट घाटे को घटाकर 419 करोड़ रुपये करना है। मंत्री ने कहा,  वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान के अनुसार राज्य की समेकित निधि के तहत कुल प्राप्तियां 1,51,843.23 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है... इसमें लोक लेखा के तहत 1,34,466.22 करोड़ रुपये और आकस्मिकता निधि के तहत 2,000 करोड़ रुपये जोड़ने पर कुल प्राप्तियां 2,88,309.45 करोड़ रुपये हो जाती हैं। बरुआ ने कहा कि इसके मुकाबले, वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य की समेकित निधि से कुल व्यय 1,56,714.88 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि लोक लेखा के तहत 1,26,369.57 करोड़ रुपये और आकस्मिकता निधि के तहत 2,000 करोड़ रुपये के व्यय को शामिल करने पर वर्ष का कुल व्यय 2,85,084.45 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा,  यह राशि 3,644.26 करोड़ रुपये के शुरूआती घाटे के साथ मिलकर वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक 419.26 करोड़ रुपये का बजट घाटा दशार्ती है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के तीन प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा गया है। छोटे चाय उत्पादकों को राहत देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने कृषि आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा। बरुआ ने कहा,  घरेलू ऊर्जा लागत कम करने, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और सिटी गैस आपूर्ति के विस्तार को समर्थन देने के लिए मैं पाइप से आपूर्ति की जाने वाली गैस (पीएनजी) पर वैट 14.5 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखता हूं। उन्होंने कहा,  राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2015-16 के 60,817 रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 1,85,429 रुपये हो गई है। यह दशार्ता है कि असम की विकास यात्रा अधिक व्यापक और समावेशी बन रही है।