भारत की तीसरी आंख नेविगेशन सेटेलाइट एनवीएस-03 जल्द होगा लांच

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार जारी है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारत की तीसरी आंख नेविगेशन सेटेलाइट एनवीएस-03 लांच के लिए तैयार है। इसके बाद एनवीएस-04 और एनवीएस -05 को लांच किया जाएगा। 
एक और इतिहास रचने जा रहा है भारत 

अंतरिक्ष में भारत एक और इतिहास रचने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार रणनीतिक रूप से अहम नेविगेशन सेटेलाइट एनवीएस-03 लांच के लिए तैयार है। बता दें कि संसद में हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में सेटेलाइट कार्यक्रम को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने लिखित उत्तर में बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपरोक्त सेटेलाइट्स के लांच के बाद एक और सेटेलाइट की योजना है, जिससे सात-सेटेलाइट एनएवीआईसी बेस लेयर कंस्टीलेशन पूरा होगा। उन्होंने यह भी बताया कि एनवीएस-03 के बाद एनवीएस-04 और एनवीएस -05 को लांच किया जाएगा।
एटॉमिक क्लॉक ने बंद किया काम 

बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब आईआरएनएसएस-1एफ पर लगी आखिरी एटॉमिक क्लॉक ने काम बंद कर दिया है। इससे भारत के स्वदेशी जीपीएस सिस्टम नाविक पर खतरा मंडराने लगा है। इसरो के अनुसार मौजदा समय में नाविक अकेले सेवा देने सक्षम नहीं हो पा रहा है। अब इन तीन सेटेलाइट की लांचिंग के बाद भारत का स्वदेशी जीपीएस कार्यक्रम और मजबूत हो जाएगा। बता दें कि ये सैटेलाइट कई हफ्तों से श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट पर लांच के लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे। इन दोनों सैटेलाइट की खास बात ये है कि इनका इस्तेमाल विशेष रूप से मिलिट्री कार्यों के लिए होगा। इन सैटेलाइट के साथ ही एक जीएसएलवी-एमके2 रॉकेट भी लॉन्च को तैयार है। हालांकि, अभी लॉन्चिंग की मंजूरी न मिलने के कारण प्रोपेलेंट भरने का काम बीच में ही रोक दिया गया था।
एनवीएस -02 की विफलता का जिक्र 


बता दें कि सिंह ने 2025 में रिप्लेसमेंट सैटेलाइट एनवीएस -02 की विफलता का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि एनवीएस -02 में आई खराबी से मिली सीख के आधार पर जरूरी सुधार करने के बाद, एनवीएस -03 लांच किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे सिस्टम के ठीक से काम करने के लिए, कम से कम चार ऐसे सैटेलाइट की जरूरत होती है। जिनमें काम करने वाली एटॉमिक क्लॉक लगी हों। सूत्रों ने बताया कि लॉन्चिंग के लिए तैयार सैटेलाइट बेहद खास है। ये भारत के दूसरी पीढ़ी के नेविगेशन कॉन्स्टेलेशन का अगला सैटेलाइट है। यहएक एडवांस्ड जियो-इमेजिंग सैटेलाइट है, जो भारतीय जमीन पर लगभग रियल-टाइम नजर रखने में सक्षम है। सभी की लांचिंग से पहले की ज्यादातर तैयारियां पूरी कर ली हैं और उड़ान के लिए तैयार हैं।