हस्त शिल्पियों को करोड़ों का अनुदान, सीएम योगी ने शिल्पियों को किया पुरस्कृत

जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ के अवसर पर लखनऊ में आयोजित वित्तीय वर्ष 2026-27 के संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर सीएम योगी ने हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना तथा झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। साथ ही हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया। सीएम योगी ने कहा कि हस्तशिल्पियों का सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और बुनकरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने कौशल और परिश्रम से भारत की समृद्ध पारंपरिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध सभी हस्तशिल्पियों तथा हथकरघा उद्योग से जुड़े सभी बहनों-भाइयों का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया कि हस्तशिल्पियों को सम्मान मिले और उन्हें हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गत वर्ष हमने हैंडलूम से जुड़े 40 हजार से अधिक हस्तशिल्पियों को 109 करोड़ की विद्युत अनुदान सुविधा उपलब्ध कराई। साथ ही भारत सरकार के सहयोग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से भदोही में कारपेट एक्सो मार्ट का निर्माण कराया है। वाराणसी में ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों और सिल्क क्लस्टर को वैश्विक पहचान मिल रही है।


टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट और मार्केटिंग जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। क्योंकि हथकरघा मात्र एक उद्योग नहीं, बल्कि भारत की आजादी के संघर्ष का एक सशक्त प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा कि हम वाराणसी स्थित ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) से जुड़े छात्रों को स्कॉलरशिप प्रदान कर रहे हैं। गत वर्ष लगभग 450 छात्रों को स्कॉलरशिप दी गई। उन्हें डिजाइन, टेक्नोलोजी और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।


लखनऊ में पीएम मित्र पार्क की स्थापना 1,000 एकड़ क्षेत्रफल में की जा रही है, ताकि टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई मजबूती मिल सके। इसके साथ ही संत कबीर के नाम पर प्रदेश में 05 टेक्सटाइल पार्क की स्थापना का कार्य भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी एवं खादी उत्पादों से जुड़ा हथकरघा उद्योग उत्तर प्रदेश के 30 लाख से अधिक लोगों की आजीविका और स्वावलंबन का आधार है।
सीएम योगी ने कहा कि आप संसद भवन में भदोही की प्रसिद्ध कालीन को देख सकते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद उनके प्रति सम्मान और गौरव का भाव अभिव्यक्त करते हैं। संत कबीर के नाम पर प्रदेश में 5 टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे कारीगरों को नया प्लेटफार्म उपलब्ध होगा।