अखिलेश यादव ने खेला ब्राह्मण कार्ड, भाजपा को बताया ब्राह्मण विरोधी 

जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने राजनीतिक समीकरण को बदलकर रख दिया है। ब्राह्मण समेत सवर्ण समाज के वोट बैंक को लेकर पार्टियां अपनी रणनीति पर पुर्नमंथन करने में जुट गई हैं। दरअसल, भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद ब्राह्मण समाज में पैदा हुए आक्रोश को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट बांकीपुर पर भाजपा की हार का कारण माना जा रहा है। इसका असर बुधवार को लखनऊ में आयोजित जनेश्वर मिश्र जंयती कार्यक्रम में भी दिखाई दिया। जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ब्राह्मण कार्ड चल दिया। उन्होंने खुद ही पीडीए की परिभाषा बदल दी। उनके अनुसार पीडीए का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक होता था लेकिन अब उन्होंने पी का मतबल पंडित बता दिया। उन्होंने भाजपा पर ब्राह्मणों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। कानपुर के विकास दुबे पर उन्होंने कहा कि सैटेलाइट इमेज निकाली जाएगी तो साफ हो जाएगा कि किसने गाड़ी पलटी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में तो इन्हें हाता भी नहीं भाता है। अखिलेश ने प्रयागराज में शंकराचार्य के बिना स्नान किए लौटने और बटुकों की पिटाई के मुद्दे को पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान बताया। अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और सपा से भाजपा में गए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय पर भी निशाना साधा। 


अखिलेश यादव ने कहा कि कुशीनगर में कुछ लोगों को मिलने से पहले नहलाया गया। उन्होंने गोरखपुर में शिक्षकों के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी सरकार में इस समाज पर विवादित फिल्म भी बनाई गई। इस दौरान उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद माता प्रसाद पांडेय को देने को ब्राह्मण सम्मान से जोड़कर दिखाया। अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इनके यहां एक रसीद घोटाला करने वाले डिप्टी सीएम भी हैं।