कल है पापमोचिनी एकादशी, एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये काम, नहीं माना जाता है शुभ 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: साल के हर महीने में एकादशी आती है। एकादशी का हिंदू मान्यताओं में बहुत अधिक महत्व है। आगामी 15 मार्च यानी कल रविवार को पापमोचिनी एकादशी का उपवास रखा जाएगा। एकादशी के उपवास को व्रती पूरे दिन उपवास रखता है और अगले दिन पारण करता है। इसके अलावा एकादशी के व्रत के दौरान अहिंसा और स्वच्छता के नियमों का पालन किया जाता है, ऐसे में इस दिन दातुन करने और सिर धोने की मनाही होती है। 

मान्यता है कि एकादशी के व्रत के दौरान बाल नहीं धोने चाहिए। हमारे सिर में कुछ सूक्ष्म जीव होते है, बाल धोने के दौरा इनकी मौत हो जाती है इसलिए बाल धोने से मना किया जाता है। इसके अलावा एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित है। इस दिन बाहरी साज-सज्जा या शारीरिक शृंगार से ज्यादा मन की शुद्धता और भक्ति को महत्व दिया गया है। इसलिए धार्मिक परंपराओं में बाल धोने या सौंदर्य प्रसाधनों के उपयोग को विलासिता से जोड़कर देखा जाता है, जिससे भक्ति से ध्यान भटक सकता है।

बाल धोना जरूरी हो तो क्या करें?
कभी-कभी परिस्थितियों के कारण बाल धोना जरूरी हो सकता है। ऐसे में मान्यता के अनुसार, एकादशी से एक दिन पहले यानी दशमी तिथि पर बाल धो लेना बेहतर माना जाता है। इससे स्वच्छता भी बनी रहती है और एकादशी के दिन व्रत के नियमों का पालन भी आसानी से किया जा सकता है।

पापमोचिनी एकादशी तिथि 2026 कब से कब तक
पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर शुरू हो गई है जिसकी समाप्ति 15 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर होगी। उदया तिथि के आधार पर एकादशी का व्रत 15 मार्च, रविवार को रखा जाएगा। अगले दिन व्रत का पारण किया जाएगा। 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक द्वादशी तिथि रहेगी।