जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: महाराष्ट्र के अकोला में हनुमान जयंती के अवसर पर एक ऐसा भंडारा हुआ जिसकी जमकर तारीफ हो रही है। इस भंडारे का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ‘वानर सेना’ के लिए विशेष भंडारे का आयोजन किया गया। वानरों को मिठाईयां भी परोसी गई।
दरअसल, महाराष्ट्र के अकोला जिले के बार्शीटाकली तालुका में हनुमान जयंती पर वानर सेना के लिए भंडारा कराने की परंपरा है। यह भंडारा विशेषकर वानर सेना के लिए ही रखा गया। खास बात यह कि, वानर बिना किसी अफरा-तफरी के शांतिपूर्वक भोजन करते दिखाई दे रहे हैं। सभी पंक्ति में बैठकर आराम से थाली में परोसा गया भोजन खाते नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। इंटरनेट पर यह वीडियो इस समय काफी चर्चा में है। साथ ही सोशल मीडिया पर इसकी जमकर तारीफ भी हो रही है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी का जन्म अंजना माता (जिन्हें एक श्राप के कारण वानर रूप मिला था) और केसरी के घर हुआ, जिन्हें शिवजी का वरदान प्राप्त था। भगवान हनुमान का जन्म शिव के 11वें रुद्रावतार में हुआ। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वानर, नर और वानर के बीच की एक विलक्षण प्रजाति थी जो वन में रहती थी। हनुमान जी को वानरों का राजा और रक्षक माना जाता है.। इसलिए हनुमान जी के जन्मोत्सव पर वानरों को भोजन कराना या किसी भी तरह से उनकी सेवा करना बहुत शुभ माना जाता है। इसी भावना के साथ महाराष्ट्र के अकोला में भी परंपरा को निभाते हए हनुमान जयंती पर वानरों के लिए लंगर का आयोजन किया गया, जिससे हनुमान जी की कृपा बनी रहे और समाज में सेवा व करुणा का संदेश भी पहुंचे। हनुमान जयंती के दिन व्रत, पूजा-पाठ, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ-साथ जरूरतमंदों और जीव-जंतुओं को भोजन कराने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।





