जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दे पर आठ घंटे के धरने के बाद हिरासत में लिए गए राहुल गांधी को पुलिस ने रिहा कर दिया है। वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा भी हमलावर हो गई है। भाजपा ने राहुल गांधी को कामचोर बताते हुए देश में अराजकता पैदा करने का आरोप लगाया है। साथ ही कांग्रेस की तुलना मुस्लिम लीग से की है। इसी बीच चुनाव आयोग ने भी बड़ा कदम उठाया है।
राहुल और कांग्रेस नेताओं का धरना
चुनाव प्रणाली में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गया है। मंगलवार को इंडिया गठबंधन के मार्च की धुरी के रूप में सामने आए राहुल गांधी निर्वाचन आयोग मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। जिसके करीब आठ घंटे बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और विपक्षी दलों के कुछ अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। रात 10 बजे राहुल गांधी, प्रियंका और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं समेत करीब 260 लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में 10 सांसद भी शामिल थे। बता दें कि दिल्ली में राजनीतिक रूप से नाटकीय घटनाक्रम की शुरूआत विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों के मार्च से हुई, जो संसद भवन से निर्वाचन सदन के लिए निकाला गया था। पुलिस ने विपक्षी दलों के सांसदों को संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के जरिये देश को हाईजैक करने का आरोप लगाया।
धरने पर भाजपा हमलावर
दूसरी ओर विपक्षी दलों के धरने पर भाजपा हमलावर हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने इंडिया गठबंधन के सांसदों के विरोध मार्च को नाटक बताया। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि जनता का समर्थन पाने के लिए उन्हें आयोग पर निशाना साधने के बजाय निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करनी चाहिए। रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और उनके साथी दिन-रात नाटक करते हैं। वे लगातार निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्ययाालय पर हमला करते हैं। वे 2014 से ऐसा करते आ रहे हैं। अब इसे रोकने का समय आ गया है। यह कब तक चलता रहेगा?
प्रदर्शन को बताया नौटंकी
भाजपा ने कांग्रेस के सांसदों के प्रदर्शन को सड़क पर की जाने वाली नौटंकी करार दिया। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव जीतने के लिए अपनी पार्टी में लोगों का भरोसा बहाल करने की दिशा में मेहनत करने के बजाय वोट चोरी के बेबुनियादह्व आरोप लगाकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि राहुल गांधी कामचोर हैं और वह वोट चोरी के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस फिर से लांच करने की तैयारी कर रही है। हर बार की तरह इस बार भी कांग्रेस असफल रहेगी। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस पिछले कई दशक से तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और ओडिशा समेत कई राज्यों में सत्ता से बाहर है। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल के नेताओं से पूछा कि उनकी पार्टी के पतन के लिए कौन जिम्मेदार है।
शिवराज सिंह चौहान का पलटवार
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन इंडिया के अन्य घटक दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मार्च के जरिये वे संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब कर रहे हैं। अपनी चुनावी हार की भड़ास वे चुनाव आयोग पर निकाल रहे हैं। चौहान ने कहाकि विपक्ष के मेरे मित्रों, आप जिस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उसी व्यवस्था के तहत आप केरलम में जीते थे। क्या वह जीत अवैध थी? आप कर्नाटक में जीते। क्या वह जीत अवैध थी? आप हिमाचल में जीते। क्या वह जीत अवैध थी? पंजाब और झारखंड में विपक्षी दलों की सरकारें बनीं; क्या वे जीत अवैध थीं? उन्होंने कहा कि हार स्वीकार करना लोकतंत्र की मूल भावना है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों को लोकतंत्र का अपमान करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करना चाहिए। उन्होंने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि एक त्रुटिरहित मतदाता सूची बेदाग लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। शिवराज ने विपक्षी दलों से पूछा कि मतदाता सूचियों को शुद्ध क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
तरुण चुग ने की जिन्ना से तुलला
भाजपा के गुजरात प्रभारी तरुण चुग ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना से की। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम लीग का नया अवतार बनने तथा तुष्टीकरण और वोट-बैंक की राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया। चुग ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं की कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण हिम्मत की सार्वजनिक रूप से तारीफ न करने के लिए आलोचना की। उन्होंने कैप्टन मच्छार को भारत का बेटा बताया, जिन्होंने हवा में खुद पर चाकू से हमला होने के बावजूद विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की कथित कोशिश को नाकाम कर उसमें सवार 180 लोगों की जान बचाने में मदद की थी। चुग ने कहा कि पूरी दुनिया भारत के इस बेटे (मच्छार) की तारीफ कर रही है, लेकिन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सोशल मीडिया पर उनका आभार जताते हुए या सराहना करते हुए एक भी ट्वीट नहीं किया।
प्रदर्शन के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
विपक्ष के प्रदर्शन के बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला किया। अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या हटाए गए मतदाताओं की श्रेणी में रखे गए लोगों की सूची आॅनलाइन उपलब्ध करा दी है। आयोग के अनुसार इस सूची को एएसडीडी सूची कहा गया है। अगर कोई पात्र व्यक्ति एसआईआर के बाद मतदाता सूची में अपना नाम नहीं पाता है, तो वह पहले एएसडीडी सूची में अपना नाम देख सकता है। अगर नाम छूट गया है और व्यक्ति मतदाता बनने की सभी जरूरी शर्तें पूरी करता है, तो वह फॉर्म-6 के जरिए दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल करा सकता है। इसके लिए उसे आवेदन करना होगा। ये दो तरह से कर सकते हैं। एक आॅनलाईन। दूसरा संबंधित बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ से संपर्क करके। इन दो तरीकों से प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इस सुविधा का लाभ उन पात्र लोगों को मिलेगा, जिनका नाम एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से छूट गया है। चुनाव आयोग ने नए और पहली बार मतदान करने वाले पात्र युवाओं के लिए भी फॉर्म-6 से आवेदन करने का रास्ता खुला रखा है। जो युवा निर्धारित तारीख को 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं, वे भी मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने बीएलओ को ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान करने का निर्देश दिया है, जिनका नाम रकफ के दौरान सूची में शामिल नहीं हो पाया। इसके लिए बीएलओ एसआईआर से पहले और बाद की मतदाता सूचियों की तुलना करेंगे। फिर पात्र लोगों की पहचान करेंगे। आयोग के अनुसार एएसडीडी मतदाताओं की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से भी सूची देखी जा सकती है। जिन पात्र लोगों का नाम सूची में छूट गया है, उनकी पहचान के लिए बीएलओ घर-घर भी जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, बीएलओ को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 घरों का दौरा करने को कहा गया है। इस पूरी कवायद को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहचान किए गए मतदाताओं के घर सरकारी प्रतिनिधि जाकर उनकी स्थिति की पुष्टि करेंगे और पात्र लोगों को फॉर्म-6 भरने में भी मदद करेंगे।





