शनि और पितृ अमावस्या पर होगा महायज्ञ, भजन संध्या व भव्य झांकियों का होगा आयोजन

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
नोएडा। शनि अमावस्या एवं पितृ अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार यानी 10 अक्टूबर को यमुना पुस्ता मार्ग, सेक्टर-14ए के सामने स्थित श्री सिद्ध पीठ शनि मंदिर के प्रांगण में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। बुधवार को नोएडा मीडिया क्लब में समिति द्वारा प्रेसवार्ता कर जानकारी दी गई। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने बताया कि नोएडा की ओर से आयोजित इस महापर्व में पितृदोष निवारण एवं शनि शांति महायज्ञ, सुंदरकांड पाठ, भंडारा, भजन संध्या और आकर्षक धार्मिक झांकियों का आयोजन होगा।
समिति के अध्यक्ष मान सिंह चौहान ने बताया कि प्रात: 10:30 बजे विद्वान आचार्य पीसी भट्ट एवं उनकी टीम द्वारा पितृदोष निवारण एवं शनि शांति महायज्ञ विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ कराया जाएगा। श्रद्धालु अपने पितरों के नाम से यज्ञ में आहुति देकर शनिदेव महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही सुबह 11 बजे विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी।


कार्यक्रम में शाम 4 बजे सुंदरकांड का पाठ होगा। इसके समापन के बाद भजन संध्या और मनमोहक धार्मिक झांकियों की प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। शाम 7 बजे संध्याकालीन आरती तथा शाम 7:30 बजे से रात 10 बजे तक भजन संध्या एवं झांकियों का आयोजन किया जाएगा।
समिति के मंत्री राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि शनि अमावस्या और पितृ पर्व पर नोएडा के मंदिर के साथ वर्ष 2003 से ही श्री सिद्ध पीठ शनि धाम मंदिर, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में भी भंडारे की व्यवस्था शनि मंदिर नोएडा की प्रबंध कमेटी द्वारा की जा रही है। आयोजन समिति के अनुसार ग्वालियर का शनि मंदिर त्रेतायुग से प्रसिद्ध है। अक्टूबर 2003 में वहीं से अखंड ज्योति नोएडा लाई गई थी तथा उसी अमृत पत्थर से निर्मित शनिदेव महाराज की प्रतिमा वर्तमान में नोएडा स्थित मंदिर में विराजमान है।
कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा बतौर अध्यक्ष मौजूद रहेंगे। जबकि, कृष्णपाल मलिक राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, विधायक पंकज सिंह और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजकों ने सभी शनि भक्तों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वर्ष की अंतिम शनि अमावस्या के इस धार्मिक अवसर पर मंदिर पहुंचकर महायज्ञ में अपने पितरों के नाम से आहुति दें और धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करें।