युद्ध के मैदान में पलभर में धूल चाटेंगे दुश्मन, पिनाका रॉकेट का सफल परीक्षण

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। डीआरडीओ ने लंबी दूरी के स्वदेशी गाइडेड रॉकेट पिनाका का सफल परीक्षण कर रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया। इस घातक और अचूक परीक्षण ने यह साबित कर दिया कि भारत अब युद्ध के मैदान में दुश्मन को धूल चटाने में पलभर की देरी नहीं लगाएगा। इस परीक्षण की सबसे हैरान और रोमांचित कर देने वाली बात यह रही कि इसके लिए किसी तामझाम या नए सेटअप की जरूरत नहीं पड़ी।
पुराने लांचर से की लांचिंग

भारतीय सेना के पुराने लांचर से जब डीआरडीओ ने अचानक नया स्वदेशी ब्रह्मास्त्र दागा तो सरहद पार खलबली मच गई। परीक्षण के दौरान पिनाका मिसाइल के इस नए और बेहद खूंखार गाइडेड वेरिएंट ने उड़ान भरते ही ऐसा सटीक निशाना लगाया कि वैज्ञानिक भी दंग रह गए। इस छोटी मिसाइल ने पलक झपकते ही 60 किलोमीटर दूर बंकर को तबाह कर दिया। बता दें कि लंबी दूरी के पिनाका रॉकेट को डीआरडीओ के आमार्मेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट एआरडीई ने तैयार किया है। इसमें आरसीआई का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस परीक्षण में रॉकेट को भारतीय सेना में पहले से सेवा में मौजूद पिनाका प्रक्षेपक से दागा गया। इस परीक्षण में पुरानी प्रणाली की बहुउपयोगिता सिद्ध हुई है। इसमें यह पाया गया कि एक ही पिनाका प्रक्षेपक से अलग-अलग मारक क्षमता वाले पिनाका रॉकेटों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया जा सकता है।
44 सेकंड में दागे 12 रॉकेट

पिनाका रॉकेट लांचर की खासियत की बात करें तो यह यह स्वदेशी प्रणाली महज 44 सेकंड में 12 रॉकेटों का पूरा जखीरा दागने की क्षमता रखता है। यह हाई मोबिलिटी मिलिट्री ट्रक पर फिट बैठता है। यह सिस्टम डीआरडीओ द्वारा अपग्रेड किए गए गाइडेड वेरिएंट के रूप में काम करता है। यह दुश्मन के ठिकानों को पिनपॉइंट सटीकता के साथ नष्ट करने में सक्षम है। यह लांचर हमला करने के बाद तुरंत अपनी जगह बदल  सकता है। इससे दुश्मन की जवाबी कार्रवाई का खतरा कम हो जाता है। शुरूआत में 37 किलोमीटर की रेंज के साथ डिजाइन किए गए पिनाका सिस्टम में अब कई अपग्रेड किए गए हैं। पिनाका को रेगिस्तान, पहाड़ और मैदानी इलाकों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे चलता-फिरता दुश्मन का काल माना जा रहा है। दुश्मनों के लिए इसे पकड़ना करीब-करीब नामुमकिन है। ये नेविगेशन सिस्टम की वजह से दूर से ही टारगेट को हिट कर सकता है।
सभी मानक सफलतापूर्वक पूरे 


उड़ान के दौरान रॉकेट ने तय किए गए सभी मानक सफलतापूर्वक पूरे किए। बता दें कि पिनाका भगवान शिव के दिव्य धणुष का नाम है। भगवान शिव बुराई के संहारक देवता माने जाते हैं। रामायण और शिव पुराण जैसे सनातन धर्मग्रंथों में पिनाका को आध्यात्मिक शक्ति,ब्रह्मांडीय संतुलन और अज्ञानता के नाशक के रूप में दिखाया गया है। इस हिसाब से पिनाका रॉकेट का नाम दुश्मनों को नष्ट करने के लिए रखा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान परीक्षण पर डीआरडीओ, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने इसे लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेटों के स्वदेशी डिजाइन और विकास क्षमता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने परीक्षणों पर बारीकी से नजर रखी और सफल परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों की सराहना की।