नयी दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के मद्देनजर दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई ‘हाइब्रिड मोड’ में कराने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को जारी यह निर्देश शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के साथ-साथ नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूलों पर भी लागू होगा।निर्देश में कहा गया है कि दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी। इसके तहत विद्यार्थियों को स्कूल जाकर या ऑनलाइन पढ़ाई करने का विकल्प मिलेगा। परिपत्र के अनुसार यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के उस आदेश के अनुपालन में लिया गया है जिसमें दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तत्काल प्रभाव से वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के तीसरे चरण के सभी उपाय लागू किए गए हैं। सीएक्यूएम ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के तीसरे चरण के उपाय लागू किए थे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 364 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों से यह भी कहा है कि वे इस व्यवस्था के बारे में अभिभावकों और संरक्षकों को तुरंत सूचित करें। विभिन्न जिलों और क्षेत्रों के शिक्षा उप-निदेशकों (डीडीई) से कहा गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों का दौरा कर यह सुनिश्चित करें कि निर्देशों का सुचारू रूप से पालन हो।
बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली के स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई ‘हाइब्रिड मोड’ में कराने के निर्देश
07-Nov-2026





