जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। 2019 में हुए पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान को किसी अज्ञात व्यक्ति ने गोलियों से भून दिया। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके के मुजफ्फराबाद में उसकी हत्या की गई। हमजा अपने आप को एक अध्यापक बताता था। वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पाकिस्तान में छिपता रहता था।
आतंकी हमला बुरहान के खात्मे से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान प्रतिबंधित संगठन अल बद्र का प्रमुख कमांडर था। हमजा बुरहान मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। वह 2027 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया था।इसके बाद वह स्थानीय युवाओं की भर्ती करने लगा साथ ही आतंकी फंडिंग जुटाने और घुसपैठ नेटवर्क को संचालित करने में सक्रिय हो गया।

बता दें कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे। इस बर्बर हमले की साजिश में बड़ी भूमिका होने के कारण भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे यूएपीए कानून के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया था। मंत्रालय के अनुसार हमजा बुरहान पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और आतंकवाद के लिए आर्थिक सहायता जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
हमजा पुलवामा की घटना में भारत में सुरक्षाकर्मियों पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा और घातक हमला था। इस हमले को जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था। 14 फरवरी 2019 को जैश के एक आतंकवादी ने लेथपोरा में सीआरपीएफ के काफिले में विस्फोटकों से भरी एक कार से टक्कर मार दी थी। जिसमें 40 जवान शरीद हो गए थे।





