जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। (कपिल चावला की रिपोर्ट )करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार गंगा एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में हालिया बारिश के बाद फैजगंज और सहदरा मिलक के बीच एक्सप्रेस-वे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस गया। सूचना मिलते ही एक्सप्रेस-वे की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मरम्मत का काम शुरू कराया गया। क्षतिग्रस्त सड़क और मरम्मत की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार और निर्माण व्यवस्था पर निशाना साधते हुए जांच की मांग की है।

बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है। करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर अब एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के बाद जनपद अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में फैजगंज और सहदरा मिलक के बीच एक्सप्रेस-वे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस गया। सड़क के धंसने की जानकारी मिलते ही एक्सप्रेस-वे की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मरम्मत का काम शुरू कराया गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद की जा रही मरम्मत की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

सवाल यह भी है कि निर्माण के दौरान मिट्टी की गुणवत्ता, बेस लेयर, जल निकासी और सड़क निर्माण के निर्धारित मानकों का कितना पालन किया गया। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार और निर्माण व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए हैं। विपक्षी दलों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। अब देखना होगा कि एक्सप्रेस-वे के धंसने की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार अधिकारियों या निर्माण एजेंसी की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।





