कौशांबी (उप्र), एजेंसी। जिले के मनौरी कस्बे में पटाखा फैक्टरी विस्फोट में 13 लोगों की मौत के मामले में मुख्य आरोपी के तीन मंजिला मकान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और कौशांबी पुलिस की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नौशाद के मकान को गिराने का काम मंगलवार शाम करीब छह बजे शुरू हुआ और बुधवार सुबह पांच बजे तक करीब 11 घंटे तक जारी रहा। यह कार्रवाई यहां पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी स्थित एक पटाखा फैक्टरी में 31 अगस्त को हुए विस्फोट के दो दिन बाद की गई। जिलाधिकारी अमित पाल ने कहा कि मकान को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है क्योंकि अधिकारियों ने पाया कि यह पीडीए के अधिकार क्षेत्र में आता है औ प्राधिकरण से आवश्यक भवन मानचित्र अनुमोदन और अनुमति प्राप्त किए बिना इसका निर्माण किया गया था। पाल ने कहा, ‘‘पीडीए अधिकारियों और कौशांबी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी नौशाद का तीन मंजिला मकान पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मंगलवार शाम छह बजे से बुधवार सुबह पांच बजे तक जारी रही।’’ उन्होंने बताया कि ढांचा पूरी तरह से ढहाए जाने के बाद ही प्रशासनिक और पुलिस दल मौके से रवाना हुए। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट की रात ही जिला प्रशासन ने अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े गोदामों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। पाल ने कहा कि विस्फोट के बाद अवैध पटाखा कारोबार और उनसे जुड़े निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।’’यह विस्फोट सोमवार को मनूरी शहर में एक अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण केंद्र में हुआ था जिसमें आठ बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में दो और लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। फैक्टरी मालिक और मुख्य आरोपी नौशाद को मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो महिलाओं- नौशाद की भाभी शबाना और उसकी भतीजी साइना को भी पकड़ लिया गया। फरार आरोपियों - शकील, आदिल और कहकशां बेगम पर 25,000 रुपये का इनाम है। छह लोगों - नौशाद, आदिल, कहकशां बेगम, शकील, शबाना और साइना पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 288 (विस्फोटक से जुड़ा लापरवाहीपूर्ण आचरण) और विस्फोटक अधिनियम की धारा चार, पांच और नौ-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सभी छह आरोपियों द्वारा कथित तौर पर अवैध आय से अर्जित संपत्ति की पहचान कर रही है और जल्द जब्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने के लिए साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। फैक्टरी को अवैध रूप से संचालित करने की अनुमति देने के मामले में जांच में कथित लापरवाही के लिए नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। इनमें पिपरी के पूर्व थाना प्रभारी शिवचरण राम; उप-निरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी; हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल हैं। विस्फोट से फैक्टरी के लगभग 100 मीटर के दायरे में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि तीन संपत्ति पूरी तरह से ढह गईं।
कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट के मुख्य आरोपी के तीन मंजिला मकान को बुलडोजर से ढहाया गया
02-Sep-2026





