जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अगर आप 2030 तक जिंदा बचे तो अमर हो जाएंगे। यह कोई कहानी नहीं बल्कि दुनियाभर के कई वैज्ञानिकों ने यह दावा किया किया है। टेक से जुड़ी 147 सटीक भविष्यवाणियां करने वाले शख्स ने भी बताया है कि वैज्ञानिकोें के पास खतरनाक टेक्नोलॉजी आने वाली है। इससे सख्स न तो बूढ़ा होगा और न ही कभी मरेगा। साथ ही इंसान का दिमाग अरबों गुना तेज हो जाएगा।
सदियों से इंसानों ने किए कई प्रयास
अमरता एक ऐसा शब्द है जिसे हर कोई पाना चाहता है। सदियों से इंसानों ने इसके लिए कई प्रयास किए हैं। यहां तक वैज्ञानिक इस क्षेत्र में लागतार शोध कर रहे हैं। वे यह जानने की कोशिश में लगे हैं कि आखिर मृत्यु को कैसे टाला जा सकता है। इसी कड़ी में दुनिया के सबसे मशहूर टेक भविष्यवक्ता और गूगल के पूर्व इंजीनियर रे कूर्जवील ने बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने दावा किया है कि आने वाले समय में साइंस, जेनेटिक्स और रोबोटिक्स मिलकर कुछ ऐसा गजब करने वाले हैं, जिसके बाद इंसान की कभी मौत ही नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस खतरनाक टेक्नोलॉजी के जितने फायदे हैं, उतने ही डरावने इसके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
रे कूर्जवील का बयान
गुगल के पूर्व वैज्ञानिक रे कूर्जवील का मानना है कि साल 2030 तक तकनीक बेहद आधुनिक हो जाएगी। वैज्ञानिक नैनोबॉट्स नाम के बेहद सूक्ष्म, माइक्रोस्कोपिक रोबोट्स बना लेंगे। ये छोटे-छोटे रोबोट्स इंसानी शरीर में खून के बहाव में प्रवेश करा दिए जाएंगे। ये रोबोट्स आपके शरीर के अंदर तैरते रहेंगे और चौबीसों घंटे आपकी बॉडी का स्टेटस चेक करेंगे। जैसे ही शरीर की कोई सेल यानी कोशिका डैमेज या टूटेगी, ये रोबोट उसे तुरंत ठीक कर देंगे। इतना ही नहीं, ये रोबोट्स बूढ़े हो रहे सेल्स को दोबारा जवान बना देंगे, जिससे इंसान की उम्र बढ़ने का प्रोसेस हमेशा के लिए रुक जाएगा। यानी बीमारियां होने से पहले ही खत्म हो जाएंगी और बुढ़ापा कभी नहीं आएगा।
कूर्जवील माने जाते हैं बड़े आईटी विशेषज्ञ
बता दें कि कूर्जवील को अमेरिकी सरकार के सबसे बड़े सम्मान नेशनल मेडल आॅफ टेक्नोलॉजी से नवाजा है। उनकी 147 भविष्यवाणियों में से ज्यादातर सच साबित हुई हुई है। इसलिए दुनिया आज उनकी इस अमर होने वाली थ्योरी को बहुत गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने सालों पहले इंटरनेट बूम, स्मार्टफोन और अक डॉमिनेंस जैसी सटीक भविष्यवाणी तक कर दी थी, जब लोग इनके बारे में जानते तक नहीं थे। कूर्जवील का अगला बड़ा दावा यह है कि साल 2029 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई इंसानी दिमाग के बराबर पहुंच जाएगी। मशहूर ह्यट्यूरिंग टेस्ट को पास कर लेगी। इसका मतलब ये हुआ कि मशीनें हूबहू इंसानों की तरह व्यवहार और सोच सकेंगी। इसके बाद इंसानी चेतना और कंप्यूटर का मिलन शुरू होगा। इस प्रक्रिया में इंसान का दिमाग सीधे एआई से जुड़ जाएगा। जिससे हमारी याद्दाश्त, सोचने की क्षमता और फैसले लेने की ताकत अरबों गुना बढ़ जाएगी। साल 2045 तक दुनिया सिंगुलैरिटी के दौर में पहुंच जाएगी। यहां इंसान अपनी यादों और चेतना को कंप्यूटर या किसी चिप में अपलोड कर सकेगा। यानी अगर आपका जैविक शरीर खत्म भी हो जाए तो आपकी आत्मा और दिमाग डिजिटल रूप में हमेशा के लिए जिंदा रहेंगे।
पुतिन के बारे में किया गया दावा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बारे में भी यही दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पुतिन उम्र बढ़ाने वाली नई दवा पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। कुछ महीने पहले नवंबर में एक एआई समिट में 73 साल के पुतिन ने कहा था कि इंसान 150 साल तक जी सकता है। अब रूस के विज्ञान और शिक्षा मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने दावा किया है कि उनके देश के वैज्ञानिक दुनिया की पहली जीन थेरेपी दवा बना रहे हैं जो बूढ़ा होने के प्रोसेस को रोक सकती है। यह दवा आरएजीई नाम के जीन को ब्लॉक करेगी जो कोशिकाओं को बूढ़ा बनाने का काम करती है। सेकिरिंस्की ने कहा कि इस जीन को सक्रिय होने से कोशिकाएं बूढ़ी हो जाती हैं लेकिन इसे रोकने से कोशिकाओं की जवानी लंबी हो सकती है। यह खबर पुतिन की लंबी उम्र की चाहत से जुड़ी हुई लग रही है।





