गहरा दुख दे गया वेनेजुएला का भूकंप, कहीं पृथ्वी के विनाश की शुरुआत तो नहीं!

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। इन दिनों तीन नाम खूब चर्चा में हैं। इनमें भविष्य मालिका , नास्त्रेदमस   और बाबा वेंगा शामिल हैं। ये तीनों ही भविष्यवक्ता हैं। वेनेजुएला में आए इतिहास के बडे विनाशकारी भूकंप के बाद इन नामों पर चर्चा हो रही है। यह भूकंप मानव सभ्यता के अंत की शुरुआत माना जा रहा है।
वेनेजुएला में आया भूकंप 

बुधवार की शाम वेनेजुएला में आया भूकंप एक ऐसा गहरा जख्म दे गया, जिसकी भरपाई शायद सदियों तक न हो सके। शाम 6 बजे के कुछ ही देर बाद, जब लोग अपने घरों में लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक प्रकृति ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि पल भर में सब कुछ मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। वेनेजुएला के तट पर आए दो विनाशकारी महा-भूकंपों के बाद 30 आफ्टर शॉक यानी भूकंप के बाद आने वाले झटके भी महसूस किए गए। ये आफ्टर शॉक इतने खतरनाक तरीके से आए कि लोगों को बचने के लिए एक पल का भी मौका नहीं मिला। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के एक शुरुआती अनुमान ने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए। विशेषज्ञों के अनुसार इस महा-आपदा का पैमाना इतना खौफनाक है कि मरने वालों की संख्या 10,000 से लेकर 1 लाख के पार जा सकती है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश को संबोधित करते हुए आपातकाल का ऐलान कर दिया है।
सबसे खतरनाक मानी जाती है घटना 

बता दें कि भूविज्ञान की दुनिया में इस घटना को सबसे खतरनाक माना जाता है। इसेडबल अटैक भूकंप कहा जाता है। इसका मतलब है कि दो विनाशकारी भूकंपों का बहुत कम समय के अंतराल पर, बैक-टू-बैक आना। इस दोहरे प्रहार ने तबाही को कई गुना बढ़ा दिया। पहले झटके से जो इमारतें जर्जर हुई थीं, दूसरे झटके ने उन्हें पूरी तरह जमींदोज कर दिया, जिससे मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने का काम लगभग नामुमकिन सा हो गया। इस महा-भूकंप का असर वेनेजुएला के सबसे मुख्य और व्यस्त हवाई अड्डे, 'साइमन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी बेहद खौफनाक रहा। भूकंप के झटकों के कारण पैसेंजर टर्मिनल एरिया की छत का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। भारी नुकसान को देखते हुए इसे अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही, देश भर में सुरक्षा के मद्देनजर कई दिनों के लिए स्कूल-कॉलेजों की कक्षाएं बंद कर दी गई हैं। राजधानी काराकास का मंजर इस वक्त किसी युद्धग्रस्त क्षेत्र जैसा दिखाई दे रहा है। काराकास के दो सबसे व्यस्त इलाकों में, जहां आमतौर पर रेस्टोरेंट्स और बाजारों में भारी चहल-पहल रहती थी, वहां अब सिर्फ धूल और धुएं के विशाल गुबार देखे जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस सदी के सबसे शक्तिशाली भूकंप के झटकों की गूंज वेनेजुएला की सीमाओं को लांघकर कैरेबियन सागर तक पहुंच गई। भूकंप के तुरंत बाद, यूएस पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने वर्जिन आइलैंड्स के लिए सुनामी का हाई-अलर्ट जारी कर दिया। इसके साथ ही डोमिनिकन रिपब्लिक के अधिकारियों ने भी अपने द्वीपों के लिए चेतावनी जारी की।
महाविनाश की भविष्यवाणी निश्चित नहीं

महाविनाश की बात करें तो ये भविष्यवाणी कोई एक निश्चित घटना नहीं है। यह अलग-अलग प्राचीन ग्रंथों, भविष्यवक्ताओं और आधुनिक विश्लेषणों के आधार पर समय-समय पर चर्चा का विषय रही है। भविष्य मालिका की बात करें तो यह ओडिसा के पंचसखा द्वारा लिखी गई भविष्यवाणी है। इसमें कलयुग के अंत और तीसरे विश्व युद्ध जैसे महाविनाश का उल्लेख है। वहीं नास्त्रेदमस की बात करें तो ये 16वीं सदी के फ्रांसीसी भविष्यवक्ता हैं। इन्होंने अपनी कविताओं में विश्व युद्धों, प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक महामारियों के जरिए विनाश के संकेत दिए हैं। इसी तरह बाबा वेंगा ने भी विनाश के बारे में भविष्यणाी की थी। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता, मौसम में भारी बदलाव और टेक्नोलॉजी के हावी होने जैसे संकटों का जिक्र किया था। इसके अलावा इस विषय पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक महाविनाश की किसी अलौकिक भविष्यवाणी में विश्वास नहीं करते, बल्कि वे जलवायु परिवर्तन, परमाणु युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के खतरे और बड़े एस्टेरॉयड के टकराने जैसी वास्तविक चुनौतियों को मानवता के लिए खतरा मानते हैं। इन चारों का विश्लेषण किया जाए तो वेनेजुएला में ये सभी मामले दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि वैज्ञानिकों ने अभी हाल ही में अल-नीनो को लेकर गहरी चिंताएं जताई थी।