जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। हमारी धरती के लिए आने वाला शनिवार बेहद भारी होने वाला है। ईएसए के वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि एक भारी-भरकम एस्टेरॉयड शनिवार को पृथ्वी के काफी करीब से गुजरने वाला है। इस एस्टेरॉयड पर दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियों की नजरें होंगी। इस एस्टेरॉयड का आकार 750 से 1,650 मीटर चौड़ा है। यह इतना बड़ा है कि अगर पृथ्वी से टकराया तो तबाही आनी तय है।
पृथ्वी के बेहद नजदीक आएगा एस्टेरॉयड
शनिवार को एक विशाल एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है। इसकी जानकारी यूरोपियन स्पेस एजेंसी यानी ईएसए ने दी। एजेंसी के अनुसार इस एस्टेरॉयड पर नजर रखी जा रही है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के अलावा चीन की सीएनएसए और अमेरिका की एजेंसी नासा की नजरें इस पर टिकी हैं। इसके अलावा अन्य देशों की भी अंतरिक्ष एजेंसियां इस एस्टेरॉयड पर नजर बनाए हुए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मौसम साफ रहने पर अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इस एस्टेरॉयड को छोटे टेलिस्कोप या बड़ी दूरबीन से आसानी से देख सकेंगे। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, इस एस्टेरॉयड का नाम 1,52,637, 1997 एनसी-1 रखा गया है। यह एस्टेरॉयड शनिवार को भारतीय समयानुसार शाम 4 बजकर 44 मिनट पर पृथ्वी के सबसे नजदीक आएगा। इस दौरान एस्टेरॉयड और पृथ्वी के बीच की दूरी बेहद कम होगी।
नौ किलोमीटर प्रति सेकंड होगी गति

पृथ्वी के करीब से गुजरने के दौरान एस्टेरॉयड की गति लगभग नौ किलोमीटर प्रति सेकंड की होगी। वैज्ञानिकों के अनुसार अभी तक जो आकलन किया गया है उसके अनुसार इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना कम है। यह बात अलग है कि अगर ऐन मौके पर इसने रास्ता बदल लिया तो बहुत बड़ी आफत आ सकती है। यह इतना बड़ा है कि पृथ्वी के जिस भाग से टकराएगा वहां हजारो किलोमीटर तक कुछ नहीं बचेगा। यह मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक स्थिति होगी। बता दें कि वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड की खोज 1971 में की थी। इस एस्टेरॉयड के आकार का अनुमान, उससे परावर्तित होने वाली सूरज की रोशनी के आधार पर लगाया गया है। इसके अनुसार, यह 750 से 1,650 मीटर चौड़ा हो सकता है। वहीं ईएसए ने अपने बयान में कहा कि अन्य अनुमानों के अनुसार यह इससे छोटा भी हो सकता है। ईएसए के प्लैनेटरी डिफेंस आॅफिस के प्रमुख वैज्ञानिक जुआन लुइस कैनो ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी है। उनके अनुसार सालों बाद यह घटना होने जा रही है। इसका मतलब है कि यह भारी एस्टेरॉयड अब जल्द पृथ्वी के निकट नजर नहीं आएगा। इसके पृथ्वी के करीब आने में कम से कम 20 से 30 साल तक का समय लग सकता है। इस बार सबसे करीब आने के समय, पास में मौजूद चमकीला चंद्रमा इसे देखने में बाधा डाल सकता है। जिन लोगों के पास टेलिस्कोप या दूरबीन है, वे इसे उत्तरी गोलार्ध के कुछ हिस्सों में इसके करीब आते समय देख सकेंगे। पृथ्वी के पास से गुजरते समय इसे लगभग हर जगह से देखा जा सकेगा।
खतरनाक हो सकता है एस्टेरॉयड

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एस्टेरॉयड खतरनाक भी हो सकता है। अगर लगातार निगरानी न की गई तो इसके रास्ता भटकने के परिणाम बेहद भयावह होंगे। यह न केवल पृथ्वी के हजारों किलोमीटर के भाग को नष्ट करेगा बल्कि सुनामी और भूकंप जैसी तबाही भी ले आएगा। ऐसे में कहा जा सकता है कि शनिवार का दिन पृथ्वी पर भारी रहने वाला है।





