जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। 17वीं शताब्दी की शुरूआत में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स प्रथम का खजाना लेकर जा रहा एक जहाज तूफान में फंसकर डूब गया था। अब लगभग 400 साल बाद खोजकर्ताओं ने इस जहाज के मलबे को ढूढ़ने में सफलता हासिल की है। जहाज को तलाशने के लिए राडार और एडवांस्ड स्कैनिंग तकनीकों का सहारा लिया गया। यह खजाना करोड़ों नहीं अरबों का है। सदियों से समुद्र व्यापार का साधन रहे हैं। दुनियाभर में समुद्री रास्तों से व्यापार हुआ करता है। अब ब्रिटिश खोजकर्ताओं ने दशकों की तलाश के बाद 400 साल पहले डूबे एक शाही जहाज का पता लगा लिया है। इसके अंदर करोड़ों नहीं अरबों कीमत का खजाना होने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार ब्लेसिंग आॅफ बर्नटआइलैंड नाम का यह जहाज जुलाई 1633 में चार्ल्स प्रथम के राज्याभिषेक के दौरे के दौरान स्कॉटलैंड के पास फर्थ आॅफ फोर्थ यानी उत्तरी सागर की खाड़ी में डूब गया था। इस जहाज पर दर्जनों लोगों के साथ ही किंग चार्ल्स प्रथम की शाही संपत्ति से जुड़ा बड़ा खजाना मौजूद था। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार स्पैनिश जहाज एक व्यापारिक जहाजों के दल का हिस्सा था। यह उन कई जहाजों में से एक था, जो 1707 में पेरू से बड़े पैमाने पर राजसी सामान लेकर निकले थे।
माना जा रहा है कि जहाज के मलबे में 5 टन तक सोना और चांदी है। इसमें हेनरी अष्टम के लिए बनवाया गया डिनर सेट भी शामिल है। यह लकड़ी का जहाज बर्नटआइलैंड और लीथ के बीच यात्रा कर रहा था। हादसे में 33 यात्रियों और क्रू के सदस्यों की मौत हो गई थी। सिर्फ दो सदस्य जिंदा बचे थे। बता दें कि पिछले 30 सालों से इस जहाज को खोजने के लिए वॉलंटियर्स की एक टीम काम कर रही थी, लेकिन मलबे की गहराई, फोर्थ नदी में लगातार बदलती गाद और साफ दिखाई न देने की वजह से इसे खोजना मुश्किल मुश्किल हो रहा था। अब बर्नटआइलैंड शहर से सिर्फ एक मील की दूरी पर शायद इसका मलबा मिल गया है। बर्नटआइलैंड ब्लेसिंग रिपोर्ट में बताया गया है कि जहाज के डूबने के समय शाही सामान की कीमत 100000 पाउंड थी।
यह आज के हिसाब से कई सौ मिलियन पाउंड के बराबर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जल्द ही इस मलबे से चीजें निकालने का काम शुरू हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार इस खजाने की खोज के लिए जमीन के अंदर देखने वाले रडार के प्रयोग किया गया। इसके अलावा एडवांस्ड स्कैनिंग तकनीकों के सहारे उस जगह की भौतिक जांच की गई जहां जहाज डूबा था। इसमें कहा गया है कि कोर सैंपल से पक्के तौर पर संकेत मिलता है कि यह मलबा द ब्लेसिंग का ही है। खोजकर्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ400 साल पुराने खजाने की खोज नहीं बल्कि यह इतिहास को समझने का जरिया बनेगी। इससे उस समय के व्यापार, समुद्री यात्राओं और लोगों की जिंदगी के बारे में नई जानकारी मिल सकती है। बता दें कि समंदर ने सदियों तक इस जहाज के राज को अपने अंदर छिपाकर रखा था। अब धीरे-धीरे दुनिया के सामने इसकी कहानी और इसमें छिपे खजाने की झलक सामने आ रही है। बता दें इसके इससे पहले भी एक बड़े खजाने की खोज की गई थी। यह 300 सालों से कैरेबियन सागर में डूबा हुआ था। इस जहाज को दुनिया के सबसे बड़े डूबे हुए खजानों में से एक माना जाता है। इसमें करीब 20 अरब डॉलर यानी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के खजाने होने का अनुमान जताया गया था। ये जहाज साल 1708 में डूबा था। उस समय यह स्पेन के राजा के लिए सोना, चांदी और कीमती पत्थर लेकर जा रहा था। इतिहासकारों के अनुसार बीच सफर के दौरान ब्रिटिश जहाजों के हमले में यह समुद्र में समा गया। इसके साथ ही इसमें रखा अरबों रुपये का खजाना भी पानी की गहराई में चला गया था।





