जन प्रवाद, ब्यूरो।
बिजनौर। यूपी के बिजनौर से पुलिस द्वारा गलत तरह से फंसाने की खबर सामने आई है। इस मामले में लखनऊ की अदालत ने मामले का संज्ञान लिया और 10 दिनों के अंदर विवेचना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जानकारी के अनुसार नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव गुहावर निवासी महेंद्र सिंह सैनी की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ की अदालत ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित पुलिस को मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने विवेचना के परिणाम से 10 दिनों के भीतर अवगत कराने को कहा है। प्रार्थी महेंद्र सिंह सैनी ने नूरपुर थाने में तैनात दरोगा गौतम, सिपाही अमित, राहुल समेत कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए हैं। प्रार्थी के मुताबिक उसके बेटों को लखनऊ के गोकुल धाम सेक्टर-6 स्थित आवास से लाया गया था। प्रार्थी ने दावा किया है कि इससे संबंधित घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। आरोप है कि इसके बावजूद गिरफ्तारी नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव गुहावर से दर्शाई गई।

प्रार्थी की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद 29 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया गया। आदेश में धारा 173 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय ने थाना प्रभारी पीजीआई, जनपद लखनऊ को मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने तथा विवेचना के परिणाम से 10 दिनों के भीतर न्यायालय को अवगत कराने को कहा है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। न्यायालय के आदेश के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और विवेचना के परिणाम पर नजर बनी हुई है।





