अभिषेक बनर्जी का आरोप: ‘‘भाजपा के गुंडों’ ने घर पर हमला किया, बंगाल के मंत्री ने खारिज किया आरोप

कोलकाता, एजेंसी। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि "भाजपा के गुंडों" ने शुक्रवार देर रात यहां उनके आवास पर हमला किया, हालांकि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, बनर्जी ने दावा किया कि उनके आवास पर हमला करने से पहले आरोपियों ने लगातार दो दिन तक दक्षिण कोलकाता में उनके कार्यालय और घर की रेकी की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना का एक कथित वीडियो भी साझा किया। बनर्जी ने इसके साथ ही लिखा, "दो दिनों की लगातार रेकी के बाद देर रात दो बजे भाजपा के गुंडों ने मेरे घर पर इस तरह हमला किया।

फुटेज देखें और खुद फैसला करें। अगर एक निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो पश्चिम बंगाल में आम आदमी की दुर्दशा की कल्पना कीजिए।" ‘पीटीआई’ स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका है। पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि "जब सत्ता हाथ से चली जाती है, तो ऐसे आरोप लगाना आम बात है।" बनर्जी ने न्यायपालिका और पुलिस की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले हमलों के बावजूद न तो कोई न्यायिक हस्तक्षेप हुआ और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई की। डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने दावा किया कि यह "पिछले छह महीनों में मेरी जान लेने का सातवां प्रयास था। फिर भी, कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई और कोई न्यायिक हस्तक्षेप नहीं हुआ।" उन्होंने आरोप लगाया, "गुंडे पूरे राज्य में दंगे कर रहे हैं क्योंकि न्यायपालिका आंखें मूंदे हुए है। मूक दर्शक बने रहने के लिए धन्यवाद, माई लॉर्ड्स!" आरोप हैं कि पहले भाजपा समर्थकों ने बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर 'चोर-चोर' के नारे लगाए, जिसके बाद वहां मौजूद तृणमूल समर्थकों ने भी जवाबी नारेबाजी की और दोनों पक्षों में टकराव शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि स्थिति दोनों गुटों के बीच हंगामे में बदल गई, जिसमें मारपीट और पथराव के आरोप लगाए गए हैं। कोलकाता पुलिस ने कहा कि दोनों गुटों के बीच हंगामा हुआ था, जिसके बाद पुलिस टीम को हस्तक्षेप करना पड़ा। एक पुलिस अधिकारी ने घटना की विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि मामले की जांच चल रही है। बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उन पर पत्थर व ईंटें फेंकी गईं। उन्होंने दावा किया कि उनके कुछ समर्थकों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें से एक को प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ी, जबकि दूसरे की आंख के पास फ्रैक्चर हुआ है।