जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय चीन दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। इन दो देशों के नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। ईरान-अमेरिका के बीच चल रही जंग के साथ ही ट्रेड वार के चलते इस मुलाकात की अहमियत बढ़ जाती है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात से पूर्व ही चीन ने अपने तेवर दिखा दिए हैं। चीन ने अमेरिका के सामने चार रेड लाइन खींच दी हैं। चीन का कहना है कि ट्रंप चार रेड लाइनों को पार न करे तभी अच्छा रहेगा अन्यथा चीन के साथ अमेरिका के संबंध अच्छे नहीं रहेंगे।

बता दें कि चीन के अमेरिका स्थित दूतावास की ओर से इस संबंध में ट्वीट किया गया है और ट्रंप प्रशासन को 4 बातें ध्यान दिलाई गई हैं। चीनी दूतावास ने लिखा है कि चीन और अमेरिका के संबंधों में 4 रेड लाइन हैं, जिन्हें चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। ये हैं ताइवान का सवाल, लोकतंत्र और मानवाधिकार की बात, राजनीतिक व्यवस्था और चीन का अपने विकास का अधिकार। इसके बाद एक्स पर एक और पोस्ट में चीनी दूतावास ने लिखा है कि चीन और अमेरिका को रचनात्मक रिश्ते स्थापित करने चाहिए। इसके अलावा रणनीतिक स्तर पर भी दोनों देशों के बीच संबंधों में स्थिरता रहनी चाहिए।
पहले भी चीन की ओर से इन रेड लाइन की बात होती रही है। शी जिनपिंग और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की नवंबर 2024 में मुलाकात हुई थी। अमेरिका को हमेशा यह ध्यान रखना होगा कि इन्हें पार न किया जाए। बता दें कि लोकतांत्रिक शासन वाले ताइवान पर चीन का दावा रहा है।वह उसे वन चाइना पॉलिसी के तहत अपना ही क्षेत्र मानता है। अमेरिका की ओर से ताइवान को महत्व दिया जाना चीन को हमेशा ही अखरता रहा है। हाल ही में अमेरिका ने ताइवान को हथियार देने का ऐलान किया था।





