अमेरिका-ईरान युद्ध से गहराया संकट, ईरानी हमले में एक भारतीय नाविक की मौत

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध ने फिर से पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। इस युद्ध का वैश्विक तेल बाजार पर असर दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में संघर्ष तेज होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूडकी कीमत एक महीने के उच्चतम स्तर यानी 84 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। यह जलमार्ग दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है। ऐसे में होर्मुज में संकट का असर वैश्विक स्तर पर पड़ने लगता है। जानकारों का मानना है कि अगर संघर्ष थमा नहीं तो कच्चे तेल की कीमतों में और भी उछाल आएगा। तेल की कीमतें बढ़ने से न सिर्फ पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में उछाल आएगा बल्कि इसका असर हर वस्तु पर पड़ेगा। 


बता दें कि अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर भीषण हमले शुरू कर दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह पुन: होर्मुज में बेडा लगाएगा। अमेरिका की ओर से कहा गया है कि हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा करना है। अमेरिका का कहना है कि हमले लगातार जारी रहेंगे। अमेरिकी हमले का ईरान भी जवाब दे रहा है। ईरान की ओर से यूएई से जुड़े दो तेल टैंकरों पर मिसाइल से हमले किए जिनमें एक भारतीय नाविक की भी मौत हुई है।