कांवड़ यात्रा से रूट डायवर्जित, निकलने से पहले देखें रूट चार्ट

जन प्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। आज से पवित्र सावन मास की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा भी आरंभ हो चुकी है। दिल्ली से लेकर एनसीआर में आज से 11 अगस्त तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू हो चुकी है। यूपी सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए कदम-कदम पर इंतजाम किए हैं। सबसे अहम बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस ने 30 जुलाई से 11 अगस्त तक कई रास्तों को बदल दिया है। ऐसे में आप भी घर से निकलने से पहले रूट के विषय में जरूरी जानकारी प्राप्त कर लें।
8 बजे से रूट डायवर्जन लागू

कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद में आज सुबह 8 बजे से रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। यह व्यवस्था 12 अगस्त तक जारी रहेगी। इस दौरान दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। रोजाना ड्यूटी या काम से आने-जाने वाले लोगों को डायवर्जन पॉइंट पर पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। कांवड़ यात्रा के सुरक्षित संचालन और यातायात व्यवस्था को लेकर मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ और बुलंदशहर में रूटों में बदलाव किया गया है। मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। इन पाबंदियों से दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और सहारनपुर के बीच यात्रा पर असर पड़ने की सम्भावना है और रास्ते बदले जाने की वजह से यात्रियों को लंबा सफर करना पड़ सकता है और बस तथा टैक्सी का किराया भी अधिक देना पड़ सकता है।
गाजियाबाद शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा

तुलसी निकेतन बॉर्डर, सीमापुरी बॉर्डर और आनंद विहार बॉर्डर से गाजियाबाद शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हरिद्वार, अमरोहा, मुरादाबाद, लखनऊ आदि स्थानों पर जाने वाले सभी भारी वाहन रोड संख्या-56 यानी चौधरी चरण सिंह मार्ग, गाजीपुर मंडी व एनएच-9 का प्रयोग करते हुए डासना इंटरसेक्शन से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और हापुड़ के सिंभावली में गंगा एक्सप्रेसवे होते हुए जाएंगे। वैकल्पिक रूप से अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे होते हुए ईस्टर्न पेरीफेरल इंटरसेक्शन का प्रयोग कर सकेंगे। हापुड़, बुलंदशहर से आने वाले वाहन डासना पुल, लाल कुआं, आत्माराम स्टील तिराहा से सीधे गाजियाबाद शहर की ओर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसी तरह खोड़ा, कालापत्थर, सेक्टर-62, छिजारसी व कनावनी पुस्ता से एनएच-9 की ओर इंदिरापुरम क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्ण प्रतिबंधित रहेगा
भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध

मेरठ के मुख्य मार्गों दिल्ली रोड, गढ़ रोड, हापुड़ रोड और रुड़की रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इसके बाद मुख्य मार्ग वन-वे कर दिए गए हैं। यानी यहां पर एक तरफ कावड़ यात्रा चलेगाी तो दूसरी ओर वाहनों का आवागमन होता रहेगा। दिल्ली में सावन माह की कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने 30 जुलाई से 11 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया है। लाखों कांवड़ियों के राजधानी से गुजरने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था आम लोगों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई है। यात्रा के दौरान 308 ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है और 306 ट्रैफिक रेगुलेशन प्वॉइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा राजधानी में स्थापित 1,828 कांवड़ शिविरों के आसपास यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
कांवड़ियों की संख्या सबसे अधिक रहने की संभावना

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार 9 से 11 अगस्त के बीच कांवड़ियों की संख्या सबसे अधिक रहने की संभावना है। इसे देखते हुए 9 अगस्त सुबह 7 बजे से कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लागू होंगे। सबसे अधिक असर जीटी रोड पर रहेगा। अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक का मार्ग 9 अगस्त सुबह 7 बजे से 12 अगस्त रात 8 बजे तक सामान्य वाहनों के लिए बंद रहेगा। कांवड़ियों के प्रवेश के लिए गाजीपुर, अप्सरा, भोपुरा, सोनिया विहार, लोनी, महाराजपुर और डीएलएफ बॉर्डर को प्रमुख मार्ग बनाया गया है। हरियाणा और राजस्थान की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह भोलेबाबा की नगरी काशी में 2022 के बाद 2026 में इस बार सावन में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं की आवाजाही की संभावना है। भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां 37 वाहन पार्किंग स्थल भी निर्धारित कर दिए गए हैं। यहां भी रूट डायर्वजन लागू कर दिया गया है। ऐसे में अगर इस बार काशी जा रहे हैं तो रूटों की जानकारी अवश्य ले लें।