जनप्रवाद ब्यूरो: 28 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2 - गोज बियॉन्ड’ विवादों में घिर गई है। केरल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने फिल्म के निर्माताओं पर केरल राज्य की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में निर्माताओं के साथ- साथ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, और केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया गया है।
याचिकाकर्ता श्रीदेव नंबूदरी ने 18 फरवरी को केरल हाई कोर्ट में एक रिट दायर की जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी किया है। मामले की अगली 24 फरवरी को होगी। याचिका के अनुसार फिल्म के टीजर और ट्रेलर में कई राज्यों की महिलाओं से जुड़ी कहानियों को दर्शाया गया है लेकिन फिल्म को ‘द केरल स्टोरी’ के रूप में ब्रांड किया गया है। साथ ही आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और जनसांख्यिकीय षड्यंत्र की कथित घटनाओं को विशेष रूप से केरल राज्य से जोड़ा गया है जिससे राज्य की छवि धूमिल हो रही है।

फिल्म से सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका
इसके अलावा याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तरह की फिल्मों से सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने और सांप्रदायिक एवं क्षेत्रीय असामंजस्य भड़कने की आशंका रहती है। याचिकाकर्ता ने यह बताया कि फिल्म के पहले भाग में कथित झूठे दावों के कारण पहले ही गंभीर विवाद उत्पन्न हुआ था जिसे उच्चतम न्यायालय के समक्ष कार्यवाही के दौरान संज्ञान में लिया गया था। इसके बावजूद, सीबीएफसी ने सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता पर इसके प्रभाव की पर्याप्त जांच किए बिना ही फिल्म के ‘सीक्वल’ को प्रमाणन प्रदान कर दिया।

सीएम पिनाराई विजयन ने भी जताई है चिंता
सीएम पिनाराई विजयन ने भी फिल्म के सीक्वल की रिलीज को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने इसे केरल के खिलाफ नफरत फैलाने वाले एजेंडे से तैयार किया गया बताया और इसे गंभीर विषय माना। सीएम ने आगे ये भी कहा कि पहली फिल्म को लोग उनके राज्य में जमीनी स्तर पर खारिज कर चुके हैं क्योंकि वो झूठ और नफरत से भरी थी। अब आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई इस विवाद पर नए फैसले की दिशा तय करेगी कि इसमें क्या बदलाव करना है।





