चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु में रुझानों ने सबसे ज्यादा चौंकाया है, सुपरस्टार विजय राजनीति में भी विजय होते दिख रहे है... विजय थलापति की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) तमिलनाडु चुनावों में शुरूआत से ही चर्चा में थी। अभी उनकी पार्टी 106 सीटों पर आगे चल रही है। इसी कड़ी में टीवीके प्रमुख विजय के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि शुरूआती रुझानों से पता चलता है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों में टीवीके आगे चल रही है। तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के राष्ट्रीय प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने सोमवार को विश्वास जताया कि पार्टी तमिलनाडु में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी, क्योंकि चुनाव के अब तक प्राप्त रुझानों में पार्टी को भारी समर्थन मिलता दिख रहा है।
मौजूदा दलों से तंग आ चुकी है जनता
गेराल्ड ने कहा कि परिणाम अपेक्षित थे। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता ने टीवीके को इसलिए चुना है, क्योंकि वे मौजूदा दलों से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा, बेशक उनके (मौजूदा दल) पास 50 या 75 साल का अनुभव है लेकिन इस अनुभव से उन्होंने सिर्फ राज्य को लूटने का काम किया। उन्होंने कहा कि मतदाता टीवीके पर भरोसा करते हैं और उसे एक विकल्प के रूप में देखते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी नेता विजय की सीमित मीडिया उपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर गेराल्ड ने कहा कि नेता मीडिया के माध्यम से बात करने के बजाय सीधे जनता से बात करना पसंद करते हैं। उन्होंने उन आलोचनाओं और मीडिया की खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि पार्टी के लिए एक भी सीट जीतना मुश्किल होगी, और उन्होंने इतने अधिक मत प्रतिशत को जनसमर्थन का प्रमाण बताया।
101 सीट पर बढ़त बनाई
चुनाव प्रचार के दौरान टीवीके को कथित तौर पर कमतर आंकने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर निशाना साधते हुए प्रवक्ता ने कहा, वे आंखें बंद करके अंधेरे कमरे में दौड़ रहे थे। अब उन्हें अपनी दुनिया का पता चलेगा। रुझान शुरूआती होने के बावजूद गेराल्ड पार्टी की संभावनाओं को लेकर दृढ़ हैं और उन्होंने दावा किया कि टीवीके बिना किसी बाहरी समर्थन के सरकार बनाएगी। जैसे ही पार्टी ने 101 सीट पर बढ़त बनाई, पनय्यूर स्थित टीवीके मुख्यालय पर जश्न का माहौल शुरू हो गया। समर्थक पार्टी नेता विजय की तस्वीरें लेकर उमड़ पड़े। एक कार्यकर्ता तांगराज ने कहा, वह मेरे दिल में बसते हैं, इसलिए हमने उनकी तस्वीर अपने सीने पर लगा रखी है। समर्थकों ने कहा कि उनका चुनाव प्रचार धन के बल पर नहीं, बल्कि जमीनी मेहनत पर टिका था। तांगराज ने कहा, हमने बिना धन के काम किया। दूसरे दलों में लोग धन लेकर काम करते हैं, लेकिन हमने बिना किसी लालच के काम किया। पार्टी को अपने दम पर बहुमत मिलने का पूरा भरोसा है। उन्होंने दावा किया, ह्यह्यहम जरूर जीतेंगे और अपने बहुमत से मुख्यमंत्री बनाएंगे। पल्लवरम निर्वाचन क्षेत्र से आए कस्पर राजा ने भी यही उत्साह दिखाया। उन्होंने कहा कि पार्टी को भरोसा है कि वह 130 सीट का आंकड़ हासिल कर लेगी और अपने बल पर बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा, ह्यह्यअगर पार्टी सत्ता में आई तो यह जनता की सरकार होगी। हमें पूरा यकीन है कि वह जनता के लिए अच्छा काम करेंगे।
विरोधियों को देंगे जवाब
टीवीके के एक प्रतिनिधि ने राजनीतिक विरोधियों की आलोचनाओं को सिरे से खारिज करते हुए इन रुझानों को बदलाव का जनादेश बताया। इस बीच, बहुमत के आंकड़े से टीवीके के कुछ पीछे दिखने पर सोशल मीडिया पर कांग्रेस जैसे दलों के संभावित समर्थन की चचार्एं शुरू हो गई हैं। फिलहाल कांग्रेस पांच सीट पर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) दो सीट पर और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एक सीट पर आगे है। ये तीनों दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सहयोगी हैं और उसके नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) का हिस्सा हैं। हालांकि, द्रमुक की सहयोगी होने के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व का एक तबका टीवीके के साथ गठबंधन के पक्ष में था। अंतिम क्षण में पार्टी आलाकमान ने द्रमुक के साथ ही बने रहने का फैसला किया। इसी पृष्ठभूमि में, सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि अगर टीवीके बहुमत पाने में नाकाम रही, तो कांग्रेस, आईयूएमएल (एक सीट पर आगे), डीएमडीके (दो सीट पर आगे) और वामदल उसे सरकार बनाने में समर्थन दे सकते हैं। हालांकि अभी यह सब अटकलों से अधिक कुछ नहीं है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि डॉ. अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली पीएमके भी समर्थन का हाथ बढ़ा सकती है जो पांच सीट पर आगे है। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विजय की टीवीके 105 सीट पर आगे है, जबकि अन्नाद्रमुक 63 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुई।





