13 अप्रैल को आएगी नई आफत, पृथ्वी के नजदीक से गुजरेगा एस्टरॉयड

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने सौरमंडल में 11 हजार से ज्यादा नये एस्टरॉयड्स का पता लगाया है। ये पृथ्वी के नजदीक मौजूद हैं। यानी निकट भविष्य में कभी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। अब नासा ने 13 अप्रैल को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस दिन एफिल टॉवर से बड़ा एस्टरॉयड्स धरती के बेहद नजदीक से गुजरेगा। यह खतरनाक हो सकता है।
नई आफत ने दी दस्तक 

अभी हाल ही में हुई अमेरिका की घटना को वैज्ञानिक भूले भी नहीं थे कि अब एक नई आफत ने दस्तक दे दी है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने सौरमंडल में 11 हजार से ज्यादा नये एस्टरॉयड्स का पता लगाया है। ये बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये पृथ्वी के नजदीक मौजूद हैं। यानी निकट भविष्य में कभी ऐसा खतरा पैदा हो सकता है। चिली में स्थित वेरा सी. रुबिन वेधशाला द्वारा इनकी खोज की गई है। कहा गया है कि 80 हजार से ज्यादा एस्टरॉयड अभी ऐसे हैं जो रहस्यमयी हैं। ये एस्टरॉयड लगातार सौरमंडल में चक्कर लगा रहे हैं। इनमें से 33 एस्टरॉयड पृथ्वी के बेहद करीब बताए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इन 33 एस्टरॉयड्स में कुछ एस्टरॉयड 500 मीटर से भी बड़े हैं। यहां कुछ सुदूर एस्टरॉयड्स का भी पता चला है जो नेप्च्यून के भी पार परिक्रमा करते हैं। ये बर्फीले खगोलीय पिंड बताए गए हैं।
90 हजार से ज्यादा नए एस्टरॉयड्स

इस बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि 90 हजार से ज्यादा नए एस्टरॉयड्स का जल्द पता लगा लिया जाएगा। यह काम आने वाले कुछ ही वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। इससे हमें हमारे सौरमंडल को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। इसी के साथ ब्रह्मांड की समझ भी बढ़ेगी। नए एस्टरॉयड्स की खोज से वैज्ञानिकों को पृथ्वी के लिए संभावित खतरों का अध्ययन और विश्लेषण करने का अवसर भी मिलेगा। वाशिंगटन विश्वविद्यालय के एरी हेनजे के अनुसार यह खोज हमारे ज्ञान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी।
नासा ने बड़ी भविष्यवाणी

दूसरी ओर नासा ने एक बड़ी भविष्यवाणी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार 99942 अपोफिस नाम का एस्टेरॉयड 13 अप्रैल 2029 को पृथ्वी की सतह के बेहद करीब से गुजरेगा। पृथ्वी और उस एस्टेरॉयड के बीच की दूरी 32,000 किलोमीटर होगी। अभी ये एस्टेरॉयड चंद्रमा के करीब है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पृथ्वी के करीब से गुजरने की घटना को भारत के कुछ हिस्सों से नंगी आंखों से देखा जा सकेगा। इस एस्टेरॉयड का नाम प्राचीन मिस्र के देवता अपोफिस पर रखा गया है। इन्हें गॉड आॅफ केओस कहा जाता है। यानी ये अराजकता के देवता माने जाते हैं। यह एस्टेरॉयड भी अराजक यानी खतरनाक हो सकता है। बता दें कि अपोफिस एस्टेरॉयड की खोज 19 जून, 2004 को की गई थी। इसकी कक्षा का पूरी तरह से पता लगने पर एस्टेरॉयड को परमानेंट नंबर दे दिया गया। अपोफिस एस्टेरॉयड की आॅर्बिटल स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रति सेकंड है।
अपोफिस एस्टेरॉयड का व्यास 350 मीटर

अपोफिस एस्टेरॉयड का व्यास 350 मीटर से 450 मीटर के बीच बताया जाता है। यानी यह भारत के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य और सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम से भी बड़ा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 140 मीटर व्यास से ज्यादा वाले एस्टेरॉयड खतरनाक माने जाते हैं। इसरो के अनुमान के अनुसार 300 मीटर से ज्यादा व्यास वाला एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराने पर परमाणु बम के स्तर वाली तबाही ला सकता है। अपोफिस करीब आधा किलोमीटर चौड़ा है। इतना बड़ा एस्टेरॉयड सीधे टकराए तो पृथ्वी के एक बड़े भूभाग में गड्ढा हो जाएगा।