क्या इस बार नहीं खेली जाएगी मसान की होली ? डोम राजा परिवार की ओर से मसान होली को रोकने की मांग

जनप्रवाद ब्यूरो। काशी की प्रसिद्ध मसान की होली इस वर्ष विवादों में फंस गई है। डोम राजा परिवार के वंशज विश्वनाथ चौधरी ने इस आयोजन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन से मांग की है। विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि मसान की होली के दौरान नशे में धुत लोग हंगामा करते है, अनुचित व्यवहार करते है। महिलाओं और बच्चों का श्मशान में आना मना है लेकिन वह भी इस आयोजन में शामिल होते है जो शास्त्र संगत नहीं है, ऐसे में मसान की होली पर रोक लगनी चाहिए।

 मान्यताओं के मुताबिक, भगवान शिव विवाह के पश्चात रंगभरी एकादशी पर माता गौरी को काशी लाए थे। पौराणिक कथाओं के मुताबिक शिव के गण बारात में नहीं जा सके जिससे वे आहत हुए। उनकी इच्छा पूरी करने के लिए महाश्मान में चिता की राख से होली खेलने की परंपरा शुरू हुई। बीतते समय के साथ अघोरी और तांत्रिक परंपराओं से जुड़े इस आयोजन का विस्तार होता चला गया। साल 2009 के बाद बाबा महाश्मशान मंदिर मैनेजमेंट कमेटी के प्रशासक गुलशन कपूर ने इसे व्यवस्थित रूप दिया, जिसके बाद यह आयोजन देश के साथ विदेश में भी काफी चर्चित हो गया। हर साल हजारों लोग इस भव्य नजारे को देखने के लिए पहुंचते हैं पंरतु इस वर्ष आयोजन पर रोक लग सकती है।

प्रशासन असमजंस की स्थिति में
 विश्वनाथ चौधरी की ओर से की गई मांग के बाद प्रशासन असमजंस की स्थिति में है। प्रशासन की ओर से अभी इस संबंध में कोई आदेश नहीं दिए गए है वहीं आयोजन से जुड़े गुलशन कपूर बताते है कि काशी खुद अपने आप में महाश्मशान है जहां मौत को भी उत्सव के रूप में देखा जाता है। उनके मुताबिक, वेद और शास्त्रों के साथ-साथ तंत्र और अघोर परंपराओं में भी इसकी मान्यताएं हैं, जिस नजरिए से यह आयोजन सही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि, जब अन्य घाटों पर होने वाले आयोजनों में डोम राजा परिवार की भागीदारी होती है, तो यहां किस बात का विरोध किया जा रहा है। फिलहाल काशी का प्रशासन दोनों ही पक्षों की दलीलों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में है।