पीएम मोदी ने असम को दिया तोहफा, सिलचर में 23,550 करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाओं की शुरूआत 

जनप्रवाद ब्यूरो टीम। असम के सिलचर में पीएम मोदी ने शनिवार को 24 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने असम की बराक घाटी की अहमियत पर बात करते हुए कहा, 'सिलचर को बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है, जिसने भाषा, संस्कृति को मिलाकर एक विशेष पहचान बनाई है। बराक नदी के उपजाऊ मैदानों, यहां के चाय बागानों ने यहां के किसानों, व्यापार मार्गों और शिक्षा संस्थानों को हमेशा प्रेरित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर पूर्व और पश्चिम बंगाल से जोड़ता है। बराक घाटी के इस क्षेत्र को 21वीं सदी में और मजबूत करने के लिए आपके बीच आया हूं।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम में विधानसभा चुनावों से पहले सिलचर शहर में शनिवार को 23,550 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरूआत की।
आवागमन होगा आसान
प्रधानमंत्री ने कछार जिले के सिलचर और मेघालय के शिलांग के बीच 22,864 करोड़ रुपये की नियंत्रित प्रवेश-निकास वाली एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि पूजन में भाग लिया। यह पूर्वोत्तर में अपनी तरह की पहली परियोजना है। अधिकारियों ने बताया कि 166 किलोमीटर लंबे चार लेन के इस ग्रीनफील्ड द्रुतगति गलियारे से मेघालय और असम के बीच संपर्क सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस परियोजना से गुवाहाटी और सिलचर के बीच की दूरी 295 से घटकर 252 रह जाएगी और यात्रा का समय 8.5 घंटे से घटकर लगभग पांच घंटे रह जाएगा। प्रधानमंत्री ने कैपिटल प्वाइंट के पास ट्रंक रोड से सिलचर के रंगिरखारी प्वाइंट तक एनएच-306 पर बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर (चरण-1) के भूमि पूजन में भी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से सिलचर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक पर यातायात का दबाव कम होगा तथा मिजोरम, त्रिपुरा एवं मणिपुर जैसे पड़ोसी राज्यों से संपर्क बेहतर होगा और बराक घाटी के आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।
कृषि महाविद्यालय की आधारशिला रखी 


प्रधानमंत्री ने करीमगंज जिले के पथारकंडी में एक नए कृषि महाविद्यालय की आधारशिला भी रखी। ये परियोजनाएं उन 47,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का हिस्सा हैं, जिनकी प्रधानमंत्री ने शुक्रवार से राज्य में शुरूआत की है। असम में विधानसभा चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में है।

वैश्विक संघर्षों को कम करने का प्रयास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक संघर्षों के कारण लोगों पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने साथ ही आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस देश में दहशत पैदा करने की कोशिश करके ह्यह्यगैर-जिम्मेदारानाह्णह्ण व्यवहार कर रही है। मोदी ने असम के सिलचर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर की अनदेखी की और स्वतंत्रता के दौरान ऐसी सीमा रेखा खींचने की अनुमति दी जिससे समुद्री मार्ग से बराक घाटी का संपर्क टूट गया। उन्होंने कहा, विश्व में जारी युद्धों को देखते हुए, हमारा प्रयास है कि देश की जनता पर इनका प्रभाव कम से कम हो। 
कांग्रेस पर साधा निशाना

कांग्रेस को एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभानी चाहिए थी लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही। वह जनता में दहशत फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, उसके (कांग्रेस) पास न तो असम के लिए कोई दूरदृष्टि है और न ही राष्ट्र के लिए; वे (कांग्रेस नेता) केवल मोदी को गाली देना, अफवाहें फैलाना और लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ बोलना जानते हैं। मोदी ने कहा कि बराक घाटी कभी व्यापार और वाणिज्य का एक प्रमुख केंद्र हुआ करती थी। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को जिस तरह उसके हाल पर छोड़ दिया, उसने उसी तरह बराक घाटी को कमजोर करने में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, बराक घाटी, जो कभी औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, अपनी मूल ताकत खो बैठी। आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस सरकारें सत्ता में रहीं, फिर भी इस क्षेत्र में विकास न के बराबर हुआ। आज भाजपा सरकार इसे बदलने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य के युवाओं को हिंसा और उग्रवाद के रास्ते पर धकेल दिया, जबकि भाजपा ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य उनके लिए अवसरों का सागर बन जाए। उन्होंने कहा, जहां कांग्रेस सोचना बंद कर देती है, हम काम करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का मूलमंत्र विकास में पिछड़े लोगों को प्राथमिकता देना है।