जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले में 50 मिनट तक भाषण दिया। उन्होंने इडियट शब्द पर जमकर हंगामा हुआ। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष कड़ा विरोध जताया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सात बार खड़े होकर राहुल को टोका और संसदीय नियम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि अगर आप चाहते हैं देश में सिर्फभाजपा बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं। स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को 11 से ज्यादा बार टोका। उन्होंने कहा कि वे इस तरह के असंसदीय शब्द नहीं बोल सकते। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पीकर से कहा कि इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए।

राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा लेकिन उनमें गुस्सास और नफरत नहीं थी। वे केवल अपनी आवाज उठा रहे थे।अगर भाजपा के मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई बहन जो कर रहे हैं उसके बारे में वे क्या सोचते हैं। उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा। राहुल ने कहा कि मैंने कई छात्रों से बातचीत की। खासकर लवली नाम की एक 18 वर्ष की छात्रा से। उन्होंने उसका हवाला देते हुए इडियट और अंधभक्त वाले उदाहरण दिए। स्पीकर ओम बिड़ला ने इन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया। राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था शिक्षा मंत्रालय नहीं, बल्कि आरएसएस चला रहा है और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल दिखावा है।





