जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो जाए तो जाए, लेकिन पाकिस्तान बिना उसकी परवाह किए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज लौटा ही देगा। पाकिस्तान ने ऐसा करने का फैसला ले लिया है। उसके इस फैसले के बाद पाकिस्तान के खजाने पर संकट पड़ने वाला है। वर्तमान में पाकिस्तान का हाल यह है कि पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों से हाहाकार मचा हुआ है। संसद में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

पाकिस्तान अखबार डॉन के मुताबिक यूएई को कर्ज लौटाने का यह कदम राष्ट्रीय गरिमा को बनाए रखने के लिए लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यूएई ने पाकिस्तान से शीघ्र अतिशीघ्र अपने पैसों को लौटाने की मांग की थी। बता दें कि यह फंड यूएई ने वर्ष 2019 में अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट के जरिए पाकिस्तान के भुगतान संतुलन को स्थिर रखने के लिए दिया गया था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने फैसला लिया है कि वह इस कर्ज को जल्द से जल्द लौटा देगा। पाकिस्तान के एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान राष्ट्रीय गरिमा से कोई समझौता नहीं करेगा।

पाकिस्तान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तीन किश्तों में पाकिस्तान पैसा लौटाएगा। पहली किश्त 11 अप्रैल 2026 को 450 मिलियन डॉलर जो वर्ष 1996-97 में एक साल कहकर लिया गया था। दूसरी किश्तन 17 अप्रैल हो दी जाएगी। यह धनराशि 2 अरब डॉलर होगी। जबकि, तीसरी किश्त 23 अप्रैल होगी जो एक अरब डॉलर होगी। साथ ही पाकिस्तान इस महीने कुल 4.8 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज भी चुकाएगा। जिसमकें आठ अप्रैल को 1.3 अरब डॉलर का यूरोबॉन्ड भी शामिल है।





