जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे उन 5 देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जिनके पास पूर्ण परमाणु हमला करने की शक्ति है। यानी हमारी सेना अब जमीन, हवा और समंदर में भी परमाणु हमला कर सकती है। यह तब संभव हुआ जब गुप्त रूप से आईएनएस अरिदमन एस-4 को नौसेना के बेड़े में शामिल कर दिया गया।
चीन की भीख पर निर्भर हो गया पाक
पाकिस्तान अपने सेना की शक्ति बढ़ाने के लिए चीन की भीख पर निर्भर हो गया है। वह मौजूदा समय में एफ-35 फाइटर जेट्स का ख्वाब देख रहा है। इसी बीच भारत ने समंदर की गहराइयों में अपनी अदृश्य शक्ति उतार दी है। यानी भारत ने अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएएनएस अरिदमन एस-4 को नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया है। बता दें कि सुरक्षा कारणों और रणनीतिक महत्त्व को देखते हुए, इसकी कमीशनिंग को गोपनीय रखा गया। इसी के साथ भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे उन 5 देशों के क्लब में शामिल हो गया जिनके पास पूर्ण परमाणु हमला करने की ताकत है। इस शक्ति के मिलने के बाद भारत का दुश्मन कहीं छिपा हुआ हो सेना उसे मार गिराएगी।
अरिदमन एस-4 नौसेना में शामिल
आईएनएस अरिदमन एस-4 को नौसेना में शमिल करने का कार्यक्रम भले ही गुप्त रखा गया लेकिन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस बारे में एक्स पर अपने विचार रखे। उन्होंने दुनिया को कड़ा संदेश देते हुए लिखा कि शब्द नहीं, शक्ति बोलती है। अरिदमन भारत की तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी है, जो दुश्मन की नजरों से बचकर हफ्तों तक पानी के नीचे रह सकती है। भारत को न केवल जमीन और हवा, बल्कि समंदर की गहराइयों में भी दुश्मन को खाक करने की ताकत मिल गई है। इसके आईएनएस अरिदमन के आने से भारत अब उन चुनिंदा महाशक्तियों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास परमाणु पनडुब्बियों का बेड़ा है।
अमेरिका के पास 66 परमाणु पनडुब्बियां
बता दें कि अमेरिका के पास 66 परमाणु पनडुब्बियों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा बेड़ा है। उसके पास वर्जीनिया और ओहायो जैसी घातक श्रेणियां हैं। इसी तरह रूस 31 परमाणु पनडुब्बियों के साथ दूसरे स्थान पर है। जिनमें पांच डेल्टा और पांच बोरेई क्लास की पनडुब्बियां शामिल हैं। चीन के पास कुल 12 परमाणु पनडुब्बियां हैं। इसमें शेंग-क्लास सबसे प्रमुख हैं। वहीं ब्रिटेन के पास भी 10 परमाणु मिसाइल पनडुब्बियों का बेड़ा, जिनमें वेंगार्ड और एस्ट्यूट क्लास शामिल हैं। फ्रांस के पास कुल 9 परमाणु पनडुब्बियां हैं, जिनमें रुबिस और सफ्रÞेन क्लास दुनिया भर में मशहूर हैं। बता दें कि परमाणु पनडुब्बियों का अर्थ है कि ये परमाणु से संचालित होती हैं। वहीं दुनिया के कुछ देशों के पास ही इन पनडुब्बियों से परमाणु हमला करने की शक्ति है। भारत के पास भी कुल 3 परमाणु पनडुब्बियां हैं। ये सभी स्वदेशी रूप से निर्मित अरिहंत श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां हैं। आईएनएस अरिहंत एस-2 भारत की पहली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी है, जिसे 2016 में कमीशन किया गया था। आईएनएस अरिघात को अगस्त 2024 में नौसेना में शामिल किया गया था। यह अरिहंत का ही उन्नत संस्करण है।





