साइबर फ्रॉड में लिप्त 7 गिरफ्तार, साइबर अपराधियों को बेचते थे खाता

नोएडा ब्यूरो।
नोएडा। नोएडा थाना फेस-3 पुलिस ने फ्रॉड का पैसा म्यूल खातों में ट्रांसफर करवाकर साइबर अपराधियों को अकाउंट बेचने के आरोप में सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक चेक बुक, एक स्टंप व चार लेटरहेड बरामद किए हैं। 

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त फर्जी कंपनी के नाम पर बैंक में खाता खुलवाते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप व टेलीग्राम के माध्यम से ग्रुप में जुड़कर खातों से लिंक मोबाइल नंबर के सिम को अपने फोन में डाल लेते हैं। तत्पश्चात ये लोग डिंग एसएमएस की एपेक फाइल को अपने मोबाइल फोन में इंस्टाल करते हैं। इस ऐप में खाते से लिंक मोबाइल नंबर को अंकित करने के बाद बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर से जो भी मैसेज या ओटीपी आते हैं वह इन म्यूल खातों में प्राप्त साइबर ठगी से संबंधित रुपयों को निकालने में काम आता है। कुछ दिनों के बाद यह अकाउंट बंद कर देते हैं। इन खातों में लाखों रुपयों का ट्रांजेक्शन उपलब्ध है। उक्त खातों के विरुद्ध देशभर में साइबर फ्रॉड की कुल 74 शिकायतें दर्ज हैं। 

इस बाबत पुलिस ने अभियुक्तों से पूछताछ की तो उन्होंने पुलिस को बताया कि हम सब लोग मिलकर नोएडा में रहते हैं। यहां लोगों का बैंक खाता खुलवाकर उसको एप से लिंक करके साइबर अपराधियों को बेच देते हैं। इसके बाद इन खातों में ट्रेडिंग इंवेस्टमेंट और डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी का रुपया ट्रांसफर कराया जाता है। जिसका कुछ प्रतिशत हिस्सा हम लोगों को भी साइबर ठगों से मिलता था। प्राप्त धनराशि को हम लोग आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम अजब सिंह पुत्र दिनेश चंद, प्रदीप पुत्र चंदूलाल, गुलाब सिंह पुत्र हरि सिंह, कौशल पुत्र रामनरेश कुशवाह, सचिन पुत्र नितिन कुमार कुशवाह, जिनेन्द्र सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह एवं प्रियंका पुत्र मोहनलाल बताए हैं। 
बाइट : स्वतंत्र कुमार सिंह, एडीसीपी नोएडा