जन प्रवाद, ब्यूरो।
ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पोषण योजनाओं, पुष्टाहार वितरण, पोषण ट्रैकर, सक्षम आंगनवाड़ी 2.0, संभव अभियान 6.0 कुपोषण प्रबंधन तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के आधारभूत ढांचे की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते की गई। तदोपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बैठक में संभव अभियान 6.0 के अंतर्गत मासिक विषय आधारित गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ‘गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा’ विषय के अंतर्गत जुलाई माह में मातृत्व पोषण तथा अगस्त माह में जन्म से 6 माह तक के शिशुओं के पोषण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा आशा एवं एएनएम के समन्वय से ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस सत्रों का शत-प्रतिशत आयोजन कराया जाए।
इसके अलावा 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की अपार पहचान संख्या बनाने तथा ई-कवच ऐप पर अति कुपोषित बच्चों की प्रविष्टि समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने निर्देश दिए कि पुष्टाहार वितरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा संभव अभियान के अंतर्गत निर्धारित कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पोषण ट्रैकर एवं मापन दक्षता की समीक्षा के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जून 2026 में जनपद के कुल 85,174 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 84,557 बच्चों का मापन पूर्ण किया गया, जिससे 99.28 प्रतिशत मापन दक्षता प्राप्त हुई। पुष्टाहार वितरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के वर्ष 2023 के मानकों के अनुरूप शिशु अमृत, बाल पुष्टिकर एवं संपूर्ण मातृ आहार सहित नई रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। पुष्टाहार आपूर्ति की वास्तविक समय पर निगरानी के लिए जीपीएस युक्त वाहनों, क्यूआर कोड तथा फेस रिकग्निशन प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। जनपद में 21 जुलाई, 2026 तक 80.19 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को फेस रिकग्निशन प्रणाली के माध्यम से राशन प्राप्त हो चुका है।
कुपोषण प्रबंधन एवं पोषण पुनर्वास केंद्र की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जून 2026 में जनपद में 288 अति कुपोषित तथा 2,155 मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान की गई। जटिलता वाले अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां जून माह में बेड आॅक्यूपेंसी दर 87 प्रतिशत रही।

सक्षम आंगनवाड़ी 2.0 एवं आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 83 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु धनराशि कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को प्रेषित की जा चुकी है। केंद्रों पर वॉल पेंटिंग, पोषण वाटिका तथा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का कार्य प्रगति पर है। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत एचसीएल, सीआरवाई तथा पेटीएम फाउंडेशन के माध्यम से भी आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





