नीतीश कुमार के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया

पटना, एजेंसी। इस माह की शुरुआत में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय कुमार ने कुमार का इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा। बाद में संवाददाताओं से बातचीत में अवधेश नारायण सिंह ने कहा, “हां, मुझे नीतीश कुमार जी का विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा प्राप्त हुआ है और इसे स्वीकार कर लिया गया है। उनकी परिषद की सीट को जल्द ही आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित किया जाएगा।” जद(यू) प्रमुख 16 मार्च को संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे और एमएलसी पद छोड़ने के लिए निर्धारित 14 दिन की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी। जद(यू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा था, “संविधान में प्रावधान है कि आपको 14 दिनों के भीतर इस्तीफा देना चाहिए। उसी के अनुसार चीजें होंगी।

”हालांकि,  ने इस संबंध में सवालों को टाल दिया कि 75 वर्षीय जद(यू) प्रमुख मुख्यमंत्री पद से कब इस्तीफा दे सकते हैं। इस बीच, बिहार के बांकीपुर से विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी सोमवार को अपनी विधानसभा सदस्यता छोड़ेंगे। नवीन दो सप्ताह पहले राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका इस्तीफा सोमवार को किसी भी समय भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी द्वारा बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंपा जा सकता है। नवीन ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज मैं बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के निर्वाचित सदस्य के पद से इस्तीफा दे रहा हूं।” उन्होंने कहा, “पिछले 20 वर्षों में मैंने अपने स्वर्गीय पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा निर्मित इस क्षेत्र को निरंतर सहेजने और विकसित करने का प्रयास किया। मैंने अपने क्षेत्र और बिहार राज्य के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया है। भाजपा नेता ने कहा, “इसी का परिणाम है कि जनता ने मुझे लगातार पांच बार विधानसभा के लिए चुनकर उनकी सेवा करने का अवसर दिया।” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के दो सप्ताह बाद सोमवार को बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बांकीपुर सीट से उनका इस्तीफा भाजपा की बिहार इकाई के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंपा। प्रेम कुमार ने संवाददाताओं से कहा, नितिन नवीन का इस्तीफा मुझे सरावगी द्वारा सौंपा गया है। इसे स्वीकार कर लिया गया है। आगे की औपचारिकताओं के लिए मैंने इसे संबंधित अधिकारियों को भेज दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सोमवार को राज्य विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। नवीन और जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख दोनों 16 मार्च को संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे। नवीन ने इस्तीफा दिए जाने से पहले सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा, आज मैं बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के निर्वाचित सदस्य के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने कहा, पिछले 20 वर्षों में मैंने अपने दिवंगत पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा निर्मित इस क्षेत्र को समर्पण के साथ निरंतर सहेजने और विकसित करने का प्रयास किया। मैंने हमेशा अपने क्षेत्र और बिहार राज्य के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया है। भाजपा नेता ने कहा, ह्लइसी का परिणाम है कि जनता ने मुझे लगातार पांच बार विधानसभा के लिए चुनकर उनकी सेवा करने का अवसर दिया। नवीन ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो ह्लनयी भूमिकाह्व सौंपी है, उसमें भी वह बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

जल्द हो सकता है उपचुनाव का घोषणा


इधर, नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। हालांकि, यह उपचुनाव कब होगा? इसके बारे में चुनाव आयोग की ओर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। एक बार साफ जरूर है कि उपचुनाव में भाजपा ही अपना प्रत्याशी उतारेगी। चूंकि पिछले कई वर्षों बांकीपुर सीट पर भाजपा के पास ही है।