टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने नासिक यूनिट के सभी 150 कर्मचारियों को दिया वर्क फ्रॉम होम

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के बीच टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कंपनी ने अपने नासिक यूनिट के सभी 150 कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) करने के निर्देश दिए है। अब से कोई भी ऑफिस ऑपरेशन, ऑफिस बिल्डिंग प्रेमिसेस से नहीं होगा। यह फैसला कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 

पुलिस ने जांच के लिए NIA को लिखा पत्र
दरअसल, TCS ऑफिस में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले की पुलिस जांच कर रही है। नासिक पुलिस ने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राज्य की खुफिया इकाइयों को पत्र लिखा है। पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक ने बताया कि जांचकर्ता सोशल मीडिया पर चल रही उन चिंताओं पर गौर कर रहे हैं, जिनमें इस कथित दुराचार के पीछे संभावित चरमपंथी संबंधों या विदेशी फंडिंग की आशंका जताई गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, लेकिन अब तक ऐसे दावों का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है। उनके अनुसार, इन एजेंसियों से संपर्क केवल इसलिए किया गया है ताकि मामले की व्यापक जांच सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर नौ FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न, डराने-धमकाने और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों के आरोप शामिल हैं।

अब तक 6 कर्मचारी और एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि अब तक छह कर्मचारियों और एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य महिला आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने बताया कि कई आरोपियों के पास सुपरवाइजरी भूमिकाएं थीं और उन्होंने कथित तौर पर अपनी स्थिति का दुरुपयोग करके अपने जूनियर सहकर्मियों को निशाना बनाया। 

HR की भूमिका जांच के दायरे में
आरोपियों में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं, जिनमें एक वरिष्ठ HR अधिकारी भी है। आरोप है कि उन्होंने एक शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत पर आगे बढ़ने से हतोत्साहित किया। पुलिस ने बताया कि उन पर शिकायत को आंतरिक रूप से दबाने और कथित तौर पर उसे उचित स्तर तक आगे न बढ़ाने का आरोप है।