जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: गाजियाबाद के राजनगर स्थित राज एम्पायर सोसायटी के निवासी हरीश राणा पर फिल्म बनेगी। उनके 13 साल के अंतहीन और असहनीय दर्द को पर्दे पर दिखाया जाएगा। मुबंई के एक लेखक- फिल्म निर्माता ने इस संबंध में हरीश राणा के वकील से बातचीत की है परंतु मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा गया है। हरीश के वकील मनीष जैन ने बताया कि यह कहानी केवल एक बीमारी या कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि एक पिता के साहस, परिवार के धैर्य और न्यायपालिका की संवेदनशीलता की मिसाल है।
अभी ऐसी है हरीश की हालत
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद हरीश को दिल्ली के एम्स में भर्ती कर दिया गया है। वहां चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया की जा रही है। इच्छामृत्यु प्रक्रिया के तहत एम्स में भर्ती गाजियाबाद निवासी हरीश राणा को बुधवार को वेंटिलेटर और अन्य गहन जीवनरक्षक उपचार से हटाकर सामान्य बेड पर शिफ्ट कर दिया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हरीश की पानी की आपूर्ति को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है वहीं फींडिग ट्यूब पर कैप लगा दिया गया है। अभी फींडिग ट्यूब को हटाया नहीं गया है।

कब क्या हुआ
जुलाई 2010 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया।
21 अगस्त 2013 की रात बहन से बात करते हुए पीजी की चौथी मंजिल से गिरकर घायल।
अगस्त 2013 में पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के लिए भर्ती।
दिसंबर 2013 में दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में कराया गया भर्ती।
वर्ष 2013 डॉक्टरों ने बताया हरीश क्वाडिप्लेजिया से ग्रसित।
वर्ष 2020 में दिल्ली से राजनगर एक्सटेंशन के राज एंपायर में परिवार हुआ शिफ्ट।
वर्ष 2021 में पिता अशोक राणा को दिल्ली में स्थित तीन मंजिला मकान बेचना पड़ा।
8 जुलाई 2025 हाईकोर्ट दिल्ली से इच्छा मृत्यु की अर्जी खारिज।
11 मार्च 2026 को इच्छामृत्यु को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी।
14 मार्च को हरीश राणा को गाजियाबाद से दिल्ली स्थित एम्स ले जाया गया





