जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सीएम पद पर अभी तक घोषणा भी नहीं हुई थी कि सीएम पद के प्रमुख दावेदार शुभेन्दु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से देश भर में प्रदेश के हालात बयान कर दिए हैं कि किस कदर शुभेन्दु अपराधियों के टारगेट पर हैं।
जानकारी के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के सबसे खास सहयोगी चंद्रनाथ रथ को देर रात गोलियों से छलनी कर दिया गया। भाजपा ने इस हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना के बाद हिंसा भड़ने की आशंका के मद्देनजर पुलिस और अद्धसैनिक बल अलर्ट पर हैं।

पुलिस के अनुसार उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम के निकट अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी रोकी और उन पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। चंद्रनाथ रथ मध्यमग्राम कोलकाता से अपने घर वापस आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बदमाशों ने करीब 16 राउंड फायरिंग की। जब हमला हुआ उस समय उनकी गाड़ी में बुद्धदेव बेरा भी सवार थे। दोनों व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने रथ को मृत घोषित कर दिया, जबकि बेरा का इलाज चल रहा है।
बता दें कि चंद्रनाथ 41 वर्ष के थे। बंगाल की सक्रिय राजनीति में वे सार्वजनिक रूप से चर्चित व्यक्ति नहीं थे, लेकिन बीजेपी में उनका ओहदा काफी बड़ा था। चंद्रनाथ रथ मूलरूप से मेदिनीपुर के चंडीपुर के निवासी थे। एक समय उनका झुकाव आध्यात्म की ओर भी था, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय वायुसेना ज्वाइन कर ली। दो दशक तक वायुसेना में उन्होंने नौकरी की। इसके बाद उन्होंने वीआरएस ले लिया। इसके बाद वे शुभेंदु अधिकारी की कोर टीम का हिस्सा बने। दोनों काफी पहले से ही खास थे। चूंकि, चंद्रनाथ का परिवार और शुभेंदु दोनों ही पहले टीएमसी का ही हिस्सा थे।





