जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की कार्ययोजना के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि इस अभियान को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनपद स्तर पर समन्वय की स्पष्ट व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और प्रतिदिन की प्रगति मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई जाएगी।

सीएम योगी ने निर्देश दिए कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से अभियान की शुरूआत हो। प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, नदी घाटों, मंदिरों, पार्कों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सालयों में भी विशेष दीप प्रज्ज्वलन कराया जाए। इस अवसर पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित करने की व्यवस्था की जाए।

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। स्वस्थ बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कृत किया जाए, कुपोषण से सुपोषण की स्थिति तक पहुंची माताओं को सम्मानित किया जाए तथा अच्छा कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, महाराष्ट्र और गुजरात में पांच प्रमुख केंद्रों पर होने वाले आयोजनों में प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए।
17 अक्टूबर को ‘पंचायत से पार्लियामेंट’ थीम पर होने वाले ‘जनसेवा महाकुंभ’ में उत्तर प्रदेश की मजबूत और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तय कार्ययोजना के अनुसार ‘सेवा संकल्प अभियान’ की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। 10 सितंबर तक कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की बैठक तथा डेटा-बैंक और लाभार्थी सूचियों की तैयारी पूरी हो।





