झारखंड में छात्र आंदोलन पर लाठी चार्ज के बाद राजनीति तेज, भाजपा ने किया बंद का ऐलान

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन पर लाठी चार्ज के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा की ओर से छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज झारखंड बंद का ऐलान किया गया है। इसको लेकर रांची में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
लगातार चर्चा में युवाओं का आंदोलन 

देश में करीब दो महीने से युवाओं का आंदोलन लगातार चर्चा में है। जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी के हजारों अभ्यर्थी दो हफ्ते से अधिक समय से आक्रोशित हैं। वहीं परीक्षा में अनियमितताओं का विरोध कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के हजारों अभ्यर्थियों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया। एक के बाद एक कई अवरोधक तोड़ते हुए छात्र आगे बढ़े। हाथों में तिरंगा और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी जब नए विधानसभा परिसर की ओर जाने वाले मार्ग पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम अवरोधक तक पहुंचे तब पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें कीं  लाठीचार्ज भी किया। पुलिस ने छात्रों पर पानी की बौछारें करते ही प्रदर्शनकारी झूम उठे। छात्रों ने प्रदर्शन के 17वें दिन अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।  इस लाठीचार्ज में 20 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं, जबकि दो छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
एंबुलेंस में बैठकर आए महतो

बता दें कि नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस में बैठकर इस मार्च में शामिल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे महतो का 10.5 किलोग्राम वजन घट गया है। इस दौरान वह पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लिए हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि हम उन लाखों छात्रों की आवाज उठा रहे हैं जो अपने सपनों और करियर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मेरी सेहत बिगड़ रही है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो पोस्टर थे उनमें लिखा था - जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करें या सीबीआई जांच कराएं, जेएसएससी पर छापेमारी करने से क्यों बच रही है सीआईडी? और निष्पक्ष जांच कराएं, सच सामने लाएं जैसे नारे लिखे थे। एक प्रदर्शनकारी ने कह कि अगर हम विधानसभा तक नहीं पहुंच सकते तो हमारी आवाज उन तक जरूर पहुंचनी चाहिए। हम सरकार से नहीं डरते जो हमारे साथ देशद्रोहियों जैसा बर्ताव कर रही है। हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
रांची में लाठीचार्ज के बाद राजनीति
दूसरी ओर रांची में लाठीचार्ज के बाद इस मामले में राजनीति और सियासी प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।  बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस और सुरक्षाबलों के बलप्रयोग को लेकर विपक्षी राजनीतिक दल गृह मंत्री अमित शाह को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। अब झारखंड में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन, विधानसभा घेराव करने सड़कों पर उतरे छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का मामला गरमा गया है। इस मामले में भाजपा ने झारखंड बंद का ऐलान कर दिया है। यहां भाजपा बनाम कांग्रेस वाली राजनीति शुरू हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के मामले में दोहरे मापदंड अपना रहे हैं कांग्रेस झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। क्या राहुल और झारखंड सरकार तक छात्रों की आवाज पहुंच रही है? दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग का समर्थन किया है। 
सीआईडी ने तेज की जांच
दूसरी ओर सीआईडी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। बता दें कि राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले साल फरवरी में उन्हें झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। छात्रों के प्रदर्शन के बाद खियांगते ने 22 जुलाई को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। खियांगते से 28 जुलाई के बाद से अबतक चार बार पूछताछ की गई है। यह गिरफ्तारी एजेंसी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच जीपीएससी के तीनों सदस्यों के इस्तीफे के एक दिन बाद हुई है। इस मामले में सीआईडी अब तक कुल 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।