नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा के अवसर पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक शानदार प्रतीक है। वार्षिक यात्रा के दौरान, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथों को श्रद्धालु ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से श्री गुंडिचा मंदिर तक खींच कर ले जाते हैं। इस उत्सव में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु एकत्र होते हैं। देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही यात्राएं निकाली जाती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि रथ यात्रा से जुड़ी परंपराओं ने पूरे भारत और दुनिया भर में कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है और ये विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मेरी कामना है कि उनका आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे। उनकी दिव्य कृपा से सभी देशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो। ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा के अवसर पर लोगों को बधाई दी और सभी के जीवन में खुशी, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी वार्षिक रथ यात्रा के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की दिव्य रथ यात्रा
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा, भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की दिव्य रथ यात्रा हम सभी के बीच आस्था, एकता, समानता, भाईचारे और मानवता की महान भावनाओं को और मजबूत करे। प्रभु की असीम कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए। इस पावन अवसर पर, मैं सभी के कल्याण के लिए प्रभु से प्रार्थना करता हूं। जय जगन्नाथ। मुख्यमंत्री माझी गत दो दिनों से पुरी में मौजूद हैं और रथ यात्रा की तैयारियों की व्यक्तिगत तौर पर निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा, करोड़ों उड़िया लोगों की शान, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर सभी को बधाई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की असीम कृपा और आशीर्वाद से राज्य में सुख, शांति और समृद्धि बढ़े और प्रगति बिना किसी रुकावट के जारी रहे। भारी बारिश के बावजूद लगभग दो लाख श्रद्धालु वार्षिक रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंच चुके हैं। महाप्रभु जगन्नाथ और उनके दो भाई-बहनों के रथ बड़ा डंडा (रथमार्ग) से गुजरेंगे। पटनायक ने एक वीडियो संदेश में कहा, पवित्र रथ यात्रा पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी के जीवन को खुशियों, शांति और समृद्धि से भर दे। जय जगन्नाथ।
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अहमदाबाद में अमित शाह और पटेल अनुष्ठानों में हुए शामिल
अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा शुरू हुई। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक पहंडी विधि करके इसकी शुरूआत की। अधिकारियों ने बताया कि शांतिपूर्ण रथ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली से लैस 30,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। हर साल आषाढ़ी बीज (अषाढ़ मास के शुक्लपक्ष की तृतीया) पर निकाली जाने वाली सालाना रथयात्रा सुबह करीब सात बजे जमालपुर के 400 साल पुराने भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई। इससे पहले पटेल ने भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के तीन रथों में छेरा पहरा (स्वर्ण जड़ित झाड़ू से भगवान के रथों के रास्ते को साफ करने की रस्म) की विधि पूरी की। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तड़के चार बजे मंदिर पहुंचे। वह देव विग्रहों को उनके रथों पर आसीन करने से पहले मंगला आरती में शामिल हुए। इसके बाद, सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार खलासी समुदाय के सदस्यों द्वारा खींचे जाते हुए तीनों रथ मंदिर परिसर से बाहर निकले। मंदिर और 16 किलोमीटर लंबे मार्ग पर रथ यात्रा को देखने के लिए लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के एकत्र होने की उम्मीद है। यह रथ यात्रा जमालपुर, कालूपुर, शाहपुर और दरियापुर जैसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरेगी और लगभग 14 घंटे बाद रात करीब नौ बजे वापस लौटेगी। अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन के लिए शहर की पुलिस, होम गार्ड और ट्रैफिक ब्रिगेड के जवानों समेत लगभग 30,000 कर्मियों को तैनात किया गया है।





