नयी दिल्ली, एजेंसी। उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश, केरल, उत्तराखंड और गुवाहाटी उच्च न्यायालय में 12 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने की मंज़ूरी दे दी है। प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना वाले कॉलेजियम ने बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों की स्थायी नियुक्ति को मंज़ूरी दी गई है। इस संबंध में एक बयान में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने 23 सितंबर को हुई अपनी बैठक में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीशों-न्यायमूर्ति महेश्वर राव कुंचीम, न्यायमूर्ति थूटा चंद्र धना सेखर, न्यायमूर्ति चल्ला गुणरंजन, न्यायमूर्ति अवधानम हरि हरनाध शर्मा, और डॉ. न्यायमूर्ति यादवल्ली लक्ष्मण राव को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। कॉलेजियम ने केरल उच्च न्यायालय के लिए न्यायमूर्ति पी. कृष्णा कुमार, न्यायमूर्ति के.वी. जयकुमार, न्यायमूर्ति मुरली कृष्णा एस., न्यायमूर्ति जोबिन सेबेस्टियन और न्यायमूर्ति पी.वी. बालकृष्णन को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने को मंज़ूरी प्रदान कर दी। इसने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय को स्थायी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने को भी स्वीकृति दे दी। वहीं, एक और प्रस्ताव में, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति कौशिक गोस्वामी को स्थायी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।
चार उच्च न्यायालयों में 12 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश
24-Sep-2026





