सुबह उठते ही फोन देखना शरीर में बढ़ाता है स्ट्रेस हॉर्मोन, आखों पर भी होता है असर 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली : कुछ लोगों की आदत होती है, वह सुबह- सुबह उठते ही सीधा फोन उठा लेते है। फोन पर व्हाट्सएप चेक करते है, सोशल मीडिया स्क्रॉल करते है या फिर न्यूज देखने लगते है। इस आदत का हमारे शरीर पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आज हम सुबह- सुबह फोन देखने के क्या नुकसान है, इसके बारे में विस्तार से बताऐंगे। सुबह- सुबह सबसे पहले फोन देखने से ब्रेन पर अलग- अलग जानकारी का प्रेशर होता है। कई मामलों में कुछ संदेश चिंताजनक होते हैं।

कुछ खबरें भी चिंता बढ़ाने वाली होती हैं। इस वजह से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ने लगता है। इससे सुबह उठते ही व्यक्ति मानसिक तनाव की स्थिति में जाने लगता है। कई बार ऐसा भी होता है कि सोशल मीडिया पर लोग अपनी अच्छी फोटोज और अपनी सफलता की चीजें डालते हैं इससे मन में तुलना और चिंता की भावना बढ़ जाती है। यही स्थिति धीरे-धीरे स्ट्रेस का कारण बनती है। ये स्ट्रेस डिजिटल से होता है तो इसको डिजिडल स्ट्रेस कहते हैं।

आंखों पर भी हो रहा असर
 फोन का ज्यादा यूज करने से सिर में माथे की तरफ दर्द से लेकर लोगों की आंखों पर भी असर होता है। आंखों से पानी आना, आंखों में दर्द होना जैसी समस्याएं भी होती है। नींद पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिलता है। लोग रातभर फोन यूज करते हैं और इस कारण उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। नींद पूरी ना हो पाने की स्थिति में पूरा दिन सुस्ती बनी रहती है। 

सुबह- सुबह करें यह एक्टिविटी
सुबह का समय ब्रेन के लिए ऐसा होता है जिसमें आपको कुछ अच्छी एक्टिविटी करनी चाहिए। जैसे सुबह उठते ही पहले कुछ मिनट आराम से बैठें और गहरी सांस लें। इससे ब्रेन काफी अच्छा महसूस करता है और खुद को दिनभर की गतिविधियों के लिए तैयार करता है, लेकिन अगर हम सुबह उठते ही लगातार मोबाइल स्क्रीन देखते हैं और लोगों के संदेश से लेकर सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं तो दिमाग पर अचानक सूचना का दबाव पड़ता है। सुबह उठने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट तक मोबाइल का यूज न करें। हां, अगर किसी का फोन आ रहा है तो उसको सुन लें लेकिन सोशल मीडिया के यूज के लिए फोन को सुबह न देखें। इसकी जगह हल्की स्ट्रेचिंग पानी पीने जैसी आदतें अपनाई जा सकती हैं। इससे दिन की शुरुआत अच्छी रहती है।