जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। विश्व की सबसे बड़ी आयल कंपनी अरामको पर मिसाइल अटैक की खबर ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी है। हुतियों द्वारा हमले के बाद रियाद और पूर्वी प्रांत में मिसाइल अलर्ट जारी हुए हैं। दूसरी ओर दूसरी ओर सऊदी गठबंधन ने यमन भी की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में जारी संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
हूती विद्रोहियों के बीच छिड़ा संघर्ष
सऊदी अरब और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच छिड़ा संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात सऊदी अरब के पूर्वी शहर धहरान में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको के प्रशासनिक परिसर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया। सऊदी सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए ने बुधवार को ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले के बाद इमारत में आग लग गई। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि मिसाइल हमले में आॅफिस बिल्डिंग की ऊपरी तीन मंजिलों को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि यह हमला इसलिए बड़ा माना जा रहा है क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल अरामको सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। इसके संचालन नेटवर्क में तेल के कुएं, पाइपलाइन, रिफाइनरी और निर्यात टर्मिनल शामिल हैं। इस हमले के बाद पूरी दुनिया तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है।
प्रशासनिक इमारत में सीमित आग
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार परिसर की एक प्रशासनिक इमारत में सीमित आग लग गई। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यह हमला पूरे पश्चिम एशिया को प्रभावित करेगा। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच अब युद्ध बढ़ सकता है। बता दें कि इससे पहले सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हवाई हमले किए। सना पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले प्रसारक अल मसिरा और स्थानीय लोगों ने हमलों की जानकारी दी। हमले से पहले गठबंधन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शहर में कई घंटे बाद भी तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इससे पहले गठबंधन ने सना के पश्चिम में स्थित सुबाहा ईंधन केंद्र को निशाना बनाया था।
हूती विद्रोहियों पर आरोप
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने यमन पर किए गए हमलों का कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि हूती विद्रोही मिसाइलों और ड्रोन के अपने हथियारों के भंडार के लिए यमन आॅयल कंपनी की सुविधा और उसके भूमिगत ईंधन डिपो का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह केंद्र राजधानी सना के ऊपर एक पहाड़ी पर स्थित है। तेल ठिकाने पर हमले के बाद यमन की सप्लाई प्रभावित होगी। दूसरी ओर इन हमलों का असर भी दिखाई दे रहा है। सना में पेट्रोल पंपों पर लगी गाड़ियों की कतारें और तेल की किल्लत की आशंका से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हुती विद्रोहियों ने आरोप लगाया कि यमन में तेल संकट पैदा करने की काशिश की जा रही है। हूतियों की सऊदी अरब को खुली चेतावनी दे है कि सना पर हुए हमले का रियाद को जवाब दर्दनाक मिलेगा। बता दें कि सऊदी अरब में यमन और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने नागरिकों को निशाना बनाने का सिलसिला जारी रखा है। ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच अब खाड़ी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ चुकी है। अब भारत सरकार ने वहां रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी कर कहा है कि सऊदी अरब में रहने वाले सभी भारतीय शांत रहें और सतर्कता बरतें। एडवायजरी में कहा गया है कि हवाई हमले की स्थिति में घर के अंदर रहें और स्थानीय प्रशासन की ओर से आधिकारिक माध्यमों से जारी निदेर्शों का पालन करें। दूतावास ने लोगों से यह भी कहा है कि वे मौजूदा घटनाओं से जुड़े वीडियो या खबरों को बिना पुष्टि के आगे न भेजें। साथ ही इसे दोबारा पोस्ट न करें। बता दें कि 10 अक्तूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में मोहम्मद यूसुफ अली नाम के एक भारतीय की मौत हो गई थी। इस हमले में 11 भारतीयों समेत कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद भारतीय दूतावास घायलों की स्थिति और मृतक के परिवार पर नजर बनाए हुए है।





