चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख विजय से कहा कि उनकी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं है। वहीं, आवश्यक संख्या बल जुटाने के लिए टीवीके ने वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल से समर्थन का अनुरोध किया है। ये दल समर्थन देने के संबंध में दो दिनों के भीतर अपना रुख स्पष्ट कर सकते हैं। संबंधित दल चाहते हैं कि राज्यपाल टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें। विजय अपने मंत्रिमंडल में संभावित सहयोगियों को शामिल करने के लिए तैयार हैं, इसलिए वे संभवत: टीवीके को समर्थन दे सकते हैं। लोक भवन ने कहा कि राज्यपाल आर्लेकर ने टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को लोक भवन आमंत्रित किया। बुधवार के बाद दोनों के बीच यह दूसरी बातचीत थी। लोक भवन ने एक विज्ञप्ति में कहा, बैठक के दौरान माननीय राज्यपाल ने समझाया कि उनके पास तमिलनाडु विधानसभा में सरकार गठित करने के लिए आवश्यक बहुमत अभी तक नहीं है। वहीं, पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुछ टीवीके नेताओं का मानना है कि इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।
पार्टी ने जीती 108 सीटें
टीवीके ने 23 अप्रैल को हुए चुनावों में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट जीतीं और वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। हालांकि, पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है, लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली पार्टी सदन में बहुमत के 118 के आंकड़े से अब भी कुछ सीट दूर है। टीवीके नेता सीटीआर निर्मल कुमार ने आज चेन्नई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव एम वीरपांडियन और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव पी शनमुगम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु में सरकार गठन में दोनों दलों का समर्थन मांगा और सत्ता में हिस्सेदारी पर जोर दिया।
क्या हैं विकल्प
तमिलनाडु में अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किए जाने में कथित देरी पर संवैधानिक कानून विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यपाल को यह जानने का अधिकार है कि प्रथम दृष्टया टीवीके के पास बहुमत है या नहीं। वहीं, कुछ अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यपाल के पास विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। कानूनी जानकारों ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न किए जाने को अनुचित बताया। पाहवा ने कहा कि आम तौर पर सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का दावा पेश करने आमंत्रित किया जाता है और फिर उससे उचित समय के भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा जाता है। हालांकि, संविधान में ऐसा कोई स्पष्ट या यांत्रिक प्रावधान नहीं है, जो राज्यपाल को किसी भी परिस्थिति में हमेशा सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित करने के लिए बाध्य करता हो। एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी ने कहा कि राज्यपाल के लिए किसी पार्टी को केवल इस आधार पर आमंत्रित करना अनिवार्य नहीं है कि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। एक अन्य कानूनी जानकार का मानना है कि स्थिर सरकार के लिए तमिलनाडु में दोबारा चुनाव करा देने चाहिए।





