जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका के न्यू जर्सी में एक घर के बेडरूम में गिरे उल्कापिंड ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। इसकी जांच में बड़ा खुलासा हुआ। वैज्ञानिकों को इसके अंदर मिले प्राचीन खारे पानी और अमीनो एसिड मिला है। इसेस साफ हो गया कि अरबों साल पहले पृथ्वी पर जीवन और पानी की शुरूआत कैसे हुई थी। कई वैज्ञानिक इस खोज को ऐतिहासिक बता रहे हैं।
दहशत में आ गया न्यूजर्सी का परिवार
अमेरिका के न्यूजर्सी का एक परिवार उस समय दहशत में आ गया जब घर की छत तोड़ते हुए एक पत्थर अचानक बेडरूम में आ गिरा। शुरू में घरवाले इसे आम पत्थर समझ रहे थे, लेकिन जब विशेषज्ञों ने इसकी जांच की तो वे हैरान रह गए। शोध में पाया गया कि यह पत्थर 100-200 साल नहंी बल्कि लगभग 5 अरब साल पुराने एक उल्कापिंड का टुकड़ा है। पत्थर पर किया गया यह शोध इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे उन सवालों के जवाब मिल गए जो आज तक एक गहरे राज थे। सेटी इंस्टीट्यूट की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इस उल्कापिंड ने ब्रह्मांड का वह सीक्रेट खोल दिया है, जिसे जानने के लिए नासा जैसी बड़ी स्पेस एजेंसियां अरबों रुपये खर्च करती हैं। जांच के दौरान पाया कि यह पत्थर लगभग 32,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हुआ था। आसमान में टूटते इस मलबे को 5 राज्यों के करीब 60 लोगों ने अपनी आंखों से देखा। वैज्ञानिकों ने इस उल्कापिंड का नाम हिल्सबोरो रखा है।
मालिक ने बताया खौफनाक
घर के मालिक ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए बताय कि मैं घर पर ही था, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और मेरे बेडरूम की छत पर बड़ा सा छेद हो गया। पूरे कमरे में सल्फर जैसी तेज बदबू फैल गई और मेरे बेड, कालीन और हर तरफ काला पाउडर और पत्थर के टुकड़े बिखर गए। मगर मकान मालिक ने बिना डरे गजब की समझदारी दिखाई। उसने बिना समय गंवाए डिस्पोजेबल ग्लव्स पहने, एल्युमिनियम फॉयल की मदद से उन टुकड़ों को समेटा और कांच के जार में सुरक्षित रख लिया। उनकी इसी एक फुर्ती के कारण यह पत्थर इंसानी पसीने या धरती के बैक्टीरिया से गंदा होने से बच गया और दुनिया का सबसे शुद्ध सैंपल बन गया। अब इस पत्थर पर साइंस एडवांसेज जर्नल में नई स्टडी छपी है। जब वैज्ञानिकों ने इस पत्थर की फॉरेंसिक जांच की, तो उन्हें इसके अंदर प्राचीन खारा पानी और भारी मात्रा में नमक मिला। इसके अलावा इसमें कार्बन से बने कंपाउंड्स, अमीनो एसिड और कई प्रीबायोटिक रसायन मौजूद मिले। जांच में पाया गया कि यह कोई मामूली केमिकल नहीं हैं। विज्ञान की भाषा में इन्हें जीवन के बिल्डिंग ब्लॉक्स कहा जाता है। साधारण शब्दों में समझें तो ये वो तत्व हैं जिनसे किसी भी ग्रह पर जीवन और पानी की शुरूआत होती है। यह खोज सीधे तौर पर साबित करती है कि करोड़ों-अरबों साल पहले जब हमारी पृथ्वी बिल्कुल सूखी और बंजर थी। उसके बाद अंतरिक्ष से अनगिनत पानी और नमक से भरपूर उल्कापिंडों की बारिश हुई थी। इस उल्कापिंडों की बारिश के बाद धरती पर पानी के अलावा अन्य रसायन आए। इतना ही नहीं सोने, चांदी समेत अन्य कीमती धातुओं का निर्माण भी इस उल्कापिंड की बारिश से हुआ। बता दें कि वैज्ञानिकों ने जिस पत्थर की मदद से इतने बड़े राज खोले उस अनमोल उल्कापिंड के कुछ टुकड़ों को न्यू यॉर्क के मशहूर अमेरिकन म्यूजियम आॅफ नेचुरल हिस्ट्री रख दिया गया है। इस पत्थर के जरिए दुनिया भर के वैज्ञानिक आगे की रिसर्च जारी रख सकेंगे।





