जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। फर्रूखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। महज दो दिनों के अंदर छह पक्के मकान नदी में समा गए। वहीं बलिया में सरयू नदी की बाढ़ में कई वाहनों के डूबने की खबर है। बात अगर उन्नाव की करें तो यहां पांडू नदी का पानी बस्तियों में घुस गया है। गलियों में नावें चल रही हैं। गोंडा में घाघरा नदी के बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ रिहाइशी इलाके में पहुंच गए हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

बता दें कि मंगलवार तड़के लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत 10 शहरों में हल्की बारिश हुई। लखीमपुर और बरेली में कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। मौसम विभाग ने मंगलवार को 49 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश की वजह से 8 सितंबर को होने वाली यूपी होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) की तारीख बढ़ाकर 14 सितंबर कर दी गई है।
वहीं नोएडा-दिल्ली एनसीआर में मंगलवार सुबह से मौसम पूरी तरह से साफ है। आसमान पर बादल नजर नहीं आए, जिससे धूप खिली हुईहै। मौसम के हिसाब से बूंदाबांदी या बारिश की बिल्कुल भी संभावना नहीं है। यहां 13 सितंबर तक मौसम में बदलाव नहीं होने का आंकलन है। धूप निकलने से तापमान में इजाफा हो सकता है।

वहीं वाराणसी में मंगलवार सुबह हल्की बारिश हुई। तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जबकि, हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे रही। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश हो सकती है। दूसरी तरफ गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जिससे घाटों से पानी हटने लगा है और सिल्ट दिखाई देने लगी है। मंगलवार सुबह गंगा का जलस्तर 69.34 मीटर दर्ज किया गया है।
वहीं बलिया में गंगा और सरयू नदी की बाढ़ की वजह से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के निचले इलाकों और गांवों में लोगों के घरों से पानी घुसने के चलते रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। आलम यह है कि लोग छतों पर रह रहे हैं। पहली मंजिल पर खिड़कियों पर सीढ़ी लगाकर आवाजाही कर रहे हैं।

उन्नाव में गंगा की तेज कटान से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग का हिस्सा बह गया। सड़क कटने से उन्नाव-हरदोई मार्ग को कालीमिट्टी से फतेहपुर चौरासी होते हुए कानपुर के शिवराजपुर से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है। 14.6 किमी लंबे इस मार्ग से खैरागाड़ा, रुस्तमपुर, मन्नानगर, पसनियाखेड़ा समेत करीब 40 गांवों की लगभग दो लाख आबादी आवागमन करती है। सड़क का हिस्सा बहने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बीते दिनों सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर उन्हें राहत सामग्री दी थी। साथ ही जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें मकान दिए जाने के निर्देश दिए थे।





