इंदौर (मप्र), एजेंसी। पश्चिम रेलवे ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उस वीडियो को बुधवार को भ्रामक बताया जिसमें दावा किया जा रहा है कि इंदौर के पास एक ट्रेन को चालक दल ने समोसे खरीदने के लिए बीच रास्ते में रोक दिया। रेलवे के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रही गाड़ी कोई यात्री ट्रेन नहीं, बल्कि एक मालगाड़ी थी जो राऊ यार्ड में पूर्व निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण होम सिग्नल पर खड़ी थी। संबंधित वीडियो में पटरियों के किनारे स्थित एक जलपान की दुकान के पास ट्रेन खड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो में रेलवे की वर्दी पहने एक व्यक्ति को दुकान से खाद्य सामग्री लेकर ट्रेन के लोकोपायलट (चालक) कैबिन में जाते देखा जा सकता है। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ट्रेन को समोसे खरीदने के लिए रोका गया था। रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया, वीडियो की पड़ताल कराई गई है जिसमें पता चला कि संबंधित मालगाड़ी को आगे ट्रैक पर जारी इंजीनियरिंग कार्य के कारण सिग्नल नहीं मिला था और इस वजह से उसे राऊ के होम सिग्नल पर रोका गया था। कुमार ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं, बल्कि एक स्पेयर (आरक्षित) सहायक लोको पायलट था। उन्होंने कहा कि अधिकृत परिचालन ठहराव के दौरान उसने व्यक्तिगत रूप से खाद्य सामग्री खरीदी थी। अधिकारी ने बताया कि घटना के दौरान मालगाड़ी को बिना चालक दल के नहीं छोड़ा गया और ट्रेन के कार्यरत लोको पायलट तथा सहायक लोको पायलट दोनों अपने निर्धारित स्थानों पर मौजूद थे। कुमार ने कहा, यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है कि लोको पायलट ने समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोकी थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वीडियो को डीईएमयू (डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) यात्री ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि संबंधित घटना मालगाड़ी से जुड़ी थी। उनके अनुसार वीडियो के चुनिंदा दृश्यों के आधार पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई और रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर गलत धारणा बनाने का प्रयास किया गया। कुमार ने बताया कि भ्रामक दावे के साथ वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोकने का दावा बेबुनियाद, भ्रामक तरीके से प्रसारित हुआ वीडियो: रेलवे
08-Jul-2026





