लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी

जन प्रवाद, ब्यूरो। नोएडा। ग्रेटर नोएडा की थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल टीम ने छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त पीएमईजीपी के तहत सब्सिडी लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने उनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल, कॉलिंग डाटा आदि बरामद किया है। इस बाबत डीसीपी नोएडा शैलेन्द्र कुमार सिंह ने विस्तृत जानकारी दी है। 

डीसीपी नोएडा ने बताया कि बुधवार को थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना की सहायता से संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सब्सिडी लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में धर्मराज राठौर, रवि कुमार, किशन राठौर, अक्षय, किरन नायर एवं किरन बाबू राठौर शामिल हैं। उक्त अभियुक्तों को कृष्णा काउन्टी टॉवर ए सेक्टर 1 की छत से गिरफ्तार किया गया है। उक्त अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 18 की-पैड मोबाइल फोन, 06 स्मार्ट फोन एवं 15 रजिस्टर कॉलिंग डाटा बरामद किया गया है। 

पूछताछ पर अभियुक्तों ने पुलिस को बताया गया कि वे इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधार कार्ड/पैन कार्ड से संबंधित विज्ञापन चलाते थे। जो व्यक्ति उक्त विज्ञापनों को देखकर उन पर क्लिक करता था, उसका मोबाइल नंबर इन लोगों के पास आ जाता था। इसके बाद ये लोग अपने आप को लोन अधिकारी बताकर पीड़ित व्यक्तियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत सब्सिडी आधारित होम लोन दिलाने का झांसा देते थे। लोन दिलाने के नाम पर फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस एवं अन्य शुल्कों के नाम पर प्रति व्यक्ति से लगभग दो से चार लाख रुपये तक विभिन्न बैंक खातों में जमा कराते थे। गिरफ्तार अभियुक्त फर्जीवाड़ा कर अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। अभियुक्तों ने यह भी बताया कि वे की-पैड मोबाइल फोन का प्रयोग करते थे तथा सिम कार्ड बदल-बदलकर उपयोग करते थे। इस पूरे गिरोह का संचालन एक बॉस के निर्देश पर किया जाता था, जिससे वे मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क में रहते थे। ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में जमा किया जाता था।