अमरावती/नयी दिल्ली, एजेंसी। आंध्र प्रदेश के नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. मनोहर ने कहा कि केंद्र सरकार अगले महीने से देशभर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आपूर्ति किए जाने वाले चावल में टूटे चावल की मात्रा 10 प्रतिशत तक सीमित करने की आंध्र प्रदेश की नीति को अपनाएगी। दिल्ली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मंत्री ने कहा कि राज्य ने चावल की खपत बढ़ाने के उद्देश्य से इस नीति को पायलट परियोजना के तौर पर सफलतापूर्वक लागू किया था। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा इस व्यवस्था को देशभर में अपनाने का फैसला आंध्र प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
मनोहर ने मंगलवार देर रात जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘हमने राज्य में पायलट परियोजना के तौर पर उचित दर वाली दुकानों के माध्यम से लोगों को आपूर्ति किए जाने वाले चावल में टूटे चावल की मात्रा घटाकर 10 प्रतिशत करने की नीति सफलतापूर्वक लागू की, इस उम्मीद के साथ कि इससे चावल की खपत बढ़ेगी। केंद्र सरकार अगले महीने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी राज्यों में इस नीति को लागू करने के लिए आदेश जारी करने जा रही है।’’उन्होंने कहा कि इस कदम से पीडीएस के तहत चावल वितरण की 30 साल पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा और आंध्र प्रदेश द्वारा अपनाया गया यह तरीका सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत करने में मदद करेगा। मनोहर ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार खुले बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की नियमित समीक्षा कर रही है और उन्हें उचित दरों पर उपलब्ध कराने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि अल नीनो परिस्थितियों और अन्य कारणों से खुले बाजार में प्याज की कीमतें बढ़ी हैं तथा सरकार ऐसे समय में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए काम कर रही है। मनोहर ने कहा, ‘‘केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) के अधिकारियों ने अगले सप्ताह से केंद्रीय मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) का इस्तेमाल कर राज्य के लोगों को 32 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।’’





