नई दिल्ली, नोएडा। योगी सरकार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। नई योजना के तहत महिलाओं को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे। पहली किस्त के रूप में बैंक खाते में सीधे 20-20 हजार भेजे जाएंगे। यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर योगी सरकार की ओर से बड़ी आर्थिक सहायता योजना लाने की तैयारी की चर्चा है। प्रस्तावित योजना के तहत पात्र महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा सकती है। संभावित प्रारूप के अनुसार चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त और इसके बाद 10-10 हजार रुपये की तीन किस्तें देने का प्रस्ताव विचाराधीन बताया जा रहा है। प्रस्तावित योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक मदद देने के साथ उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार योजना को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इसके संभावित प्रारूप पर विचार चल रहा है। चर्चा है कि चुनाव से पहले पात्र महिलाओं को 20 हजार की पहली किस्त दी जा सकती है। इसके बाद भाजपा की सरकार बनने पर 10-10 हजार की तीन और किस्तें दिए जाने का प्रस्ताव बताया जा रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता
प्रस्तावित योजना में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। चर्चा है कि एससी, एसटी, बीपीलए और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को इसमें शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे परिवारों की महिलाओं को भी योजना में शामिल करने पर विचार हो रहा है, जिनकी सालाना आय 12 लाख तक है। यानी योजना को केवल बेहद गरीब परिवारों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक आर्थिक दायरे में लाने की संभावना पर भी मंथन किया जा रहा है। फिलहाल आय सीमा और अन्य पात्रता शर्तों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगा कि प्रदेश की हर महिला को 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। जानकारों का कहना हैकि सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही योजना के वास्तविक नियम स्पष्ट होंगे।
महिलाओं को दी जाएगी सहायता
प्रस्तावित योजना का महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त करना बताया जा रहा है। इस योजना के तहत छोटे कारोबार या अन्य रोजगार गतिविधियों के लिए महिलाओं को सहायता दी जाएगी। ब्ता दें कि यूपी में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहले से ही स्वयं सहायता समूहों के जरिए काम किया जा रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस दिशा में अच्छा काम कर रहा है। बता दें कि इस योजना केतहत आमतौर पर करीब 10-10 महिलाओं के समूह बनाए जाते हैं और उन्हें अलग-अलग स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में करीब 98 लाख 76 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ऐसे में नई प्रस्तावित योजना को इन समूहों और मौजूदा स्वरोजगार व्यवस्था से जोड़ने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित योजना को दूसरे राज्यों में चल रही महिला केंद्रित योजनाओं के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। बता दें कि बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना, महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना चल रही है। इसी तरह हरियाणा की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना जैसे मॉडल चर्चा में हैं। इन योजनाओं में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित 50 हजार रुपये की सहायता योजना को 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।





