अगले हफ्ते आ रही है बड़ी आफत, टकराया तो एक शहर होगा साफ

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अगले हफ्ते दुनिया पर एक नई आफत आ रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार धरती के बेहद पास एक खतरनाक एस्टेरॉयड गुजरेगा। अगर यह धरती के हिस्से से टकराया तो पूरा का पूरा शहर खत्म हो जाएगा। 
वैज्ञानिकों ने दी बड़ी चेतावनी 

वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी जारी की है। उनके अनुसार एक एस्टरॉयड अगले हफ्ते धरती से मात्र 90,917 किलोमीटर दूर से गुजरेगा। यह दूरी चंद्रमा की दूरी का चौथाई है। बता दें पृथ्वी से चांद की दूरी 3,84,000 किलोमीटर है। यानी यह एस्टरॉयड चंद्रमा की तुलना में बहुत ज्यादा पास आएगा। वैज्ञानिकों को चिंता इस बात को लेकर है कि एस्टरॉयड  की गति के हिसाब से यह दूरी बेहद कम मानी जाती है। संकेडों में यहां सब कुछ बदल जाता है। अगर इसने दिशा बदली तो कोई भी एक शहर पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। वैज्ञानिकों ने इस एस्टरॉयड को 2026 जेएच-2 नाम दिया है। इस बारे में नासा समेत कई अंतरिक्ष एजेंसियों ने चिंता जाहिर की है। उनके अनुसार आसमान में इतना पास आना खतरनाक है। धरती से इसके टकराने की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। वैज्ञानिकों ने इसकी गणना पूरी कर ली है। इसकी दशा और दिशा पर पूरी नजर रखी जा रही है।
छोटे-छोटे चट्टानी टुकड़े एस्टरॉयड 


बता दें कि एस्टरॉयड छोटे-छोटे चट्टानी टुकड़े होते हैं। ये सूरज के चारों ओर घूमते रहते हैं। वैज्ञानिक भाषा में इन्हें छोटे ग्रह भी कहते हैं। ज्यादातर एस्टरॉयड मंगल और बृहस्पति के बीच की पट्टी में मिलते हैं। वहीं कुछ एस्टरॉयड अपनी कक्षा बदलकर धरती के पास आ जाते हैं। इन्हें नियर-अर्थ आॅब्जेक्ट्स कहा जाता है। 2026 जेएच-2 भी इन्हीं में से एक है। यह अपोलो क्लास का एस्टरॉयड है यानी इसकी कक्षा धरती की कक्षा को पार करती है।
कुछ ही दिन पहले खोजा गया एस्टरॉयड 


वैज्ञानिकों के अनुसार यह एस्टरॉयड कुछ ही दिन पहले खोजा गया है। अमेरिका के कैनसास और एरिजोना के स्पेस आॅब्जरवेटरी के वैज्ञानिकों ने इसे देखा है। अभी तक इसे 24 बार ट्रैक किया गया है। इसलिए वैज्ञानिक इसके साइज, स्पीड और रास्ते को और बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह एस्टरॉयड 50 से 100 फीट मोटा हो सकता है। वहीं इसका वजन काफी है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने भी इस एस्टरॉयड की चमक और रोशनी देखकर अनुमान जाहिार किया। वैज्ञानिकों के अनुसार अभी और ज्यादा जानकारी इकट्ठा की जा रही है।  अभी इसके रास्ते को और सटीक बनाया जा रहा है।
28 हजार किमी प्रतिघंटा स्पीड

स्पेसवेदर के अनुसार, इसकी स्पीड 28 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा से भी ज्यादा है। जब यह धरती के सबसे करीबी बिंदु पर होगा तो धरती और एस्टरॉयड के बीच की दूरी सिर्फ बेहद कम हो जाएगी। नासा कहती है कि 75 लाख किलोमीटर के दायरे में आने वाला एस्टरॉयड खतरनाक साबित हो सकता है। इस हिसाब से यह एस्टरॉयड काफी नजदीक आने वाला है।  ग्रह के आकार से तुलना की जाए तो एस्टरॉयड काफी छोटे होते हैं। ऐसे में पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण आसानी से इन्हें अपनी ओर खींच सकता है। नेशनल साइंस फाउंडेशन के अनुसार पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली है कि यह 9.8 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से किसी वस्तु को अपनी ओर खींच सकता है। ऐसे में कई बार उल्का पिंड भी धरती की ओर खिंचे चले आते हैं। एस्टरॉयड और उल्का पिंड, दोनों का ही धरती पर गिरना नुकसानदेह हो सकता है।